YEIDA plot scheme 2026: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 973 आवासीय प्लॉट की योजना जल्द होगी लॉन्च

YEIDA plot scheme 2026: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 973 आवासीय प्लॉट की योजना जल्द होगी लॉन्च
नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। करीब तीन महीने से अटकी 973 आवासीय प्लॉट की योजना का रास्ता साफ हो गया है। Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority और Yamuna Expressway Industrial Development Authority के बीच चल रही आपत्तियों का समाधान हो गया है। यमुना प्राधिकरण ने रेरा की शर्तों को स्वीकार कर लिया है और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होते ही इसी माह योजना लॉन्च होने की उम्मीद है।
नए वर्ष के लिए प्रस्तावित इस योजना के तहत 973 आवासीय प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। यीडा ने योजना के पंजीकरण के लिए रेरा में आवेदन किया था, लेकिन दो प्रमुख आपत्तियों के कारण मामला लंबित हो गया था। पहली आपत्ति प्लॉट की कीमत के एकमुश्त भुगतान को लेकर थी, जबकि दूसरी आपत्ति लीज टू एग्रीमेंट की शर्त पर थी।
एकमुश्त भुगतान के मुद्दे पर पहले ही सहमति बन चुकी थी। हालांकि, लीज टू एग्रीमेंट को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए थे। रेरा चाहता था कि बिल्डर परियोजनाओं की तरह ही प्लॉट आवंटन के बाद लीज टू एग्रीमेंट लागू किया जाए। दूसरी ओर, यीडा का तर्क था कि कब्जा देते समय सीधे लीज डीड करने की प्रक्रिया अब तक प्रचलित रही है, जिससे आवंटियों और प्राधिकरण दोनों को सुविधा मिलती है।
अंततः यीडा बोर्ड ने रेरा की शर्त स्वीकार करते हुए प्लॉट आवंटन के बाद लीज टू एग्रीमेंट लागू करने का निर्णय लिया। इसके बाद रेरा की सभी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया। यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, पंजीकरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही योजना को औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा।
इस योजना के तहत पहली बार सेक्टर-15 सी में प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा सेक्टर-18 और 24ए में भी प्लॉट उपलब्ध होंगे। योजना में सामान्य श्रेणी के 755 प्लॉट शामिल हैं। प्लॉट का आकार 162 वर्गमीटर से 290 वर्गमीटर तक रखा गया है। इनमें 162 वर्गमीटर और 200 वर्गमीटर श्रेणी के प्लॉटों की संख्या सबसे अधिक है, जिससे मध्यम आय वर्ग के लोगों को बड़ा अवसर मिलेगा।
हालांकि, नई शर्तों के चलते आवंटियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी पड़ेगा। आवेदन के समय कुल कीमत का 10 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क के रूप में जमा करना होगा। प्लॉट आवंटन के बाद शेष 90 प्रतिशत राशि 60 दिनों के भीतर एकमुश्त जमा करनी होगी। लीज टू एग्रीमेंट लागू होने के कारण आवंटियों को एकमुश्त भुगतान के साथ स्टांप शुल्क भी देना पड़ेगा, जिससे कुल लागत बढ़ सकती है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक निवेश और बेहतर कनेक्टिविटी को देखते हुए इस योजना को निवेश और आवास दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है। योजना लॉन्च होते ही बड़ी संख्या में आवेदन आने की संभावना जताई जा रही है।





