Noida Factory Fire: चार दिन बाद बेसमेंट से मिला लापता कर्मी का अधजला शव

Noida Factory Fire: चार दिन बाद बेसमेंट से मिला लापता कर्मी का अधजला शव

नोएडा के सेक्टर-4 स्थित बिजली मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग के चार दिन बाद लापता कर्मचारी का शव बेसमेंट से बरामद हुआ है। रविवार रात चलाए गए सर्च अभियान के दौरान कबाड़ के बीच एक अधजला शव मिला, जिसकी पहचान कर्मचारी उपेंद्र कुमार के रूप में हुई।

जानकारी के मुताबिक कन्नौज जिले के अच्छेह गांव निवासी Upendra Kumar फैक्ट्री के स्टोर रूम में काम करता था। उसने बुधवार को दिन की शिफ्ट की थी और रात में भी ओवरटाइम के लिए फैक्ट्री पहुंचा था। गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे फैक्ट्री में अचानक आग लग गई थी।

अग्निशमन विभाग के अनुसार फैक्ट्री में चार मंजिल के साथ दो बेसमेंट बने हुए हैं। शुरुआती घंटों में आसपास के जिलों से दमकल गाड़ियां बुलाकर ऊपर की चारों मंजिलों की आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन बेसमेंट में मौजूद प्लास्टिक दाना और केमिकल के कारण आग बार-बार भड़कती रही। इसी वजह से बेसमेंट की आग बुझाने में करीब चार दिन लग गए।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी Pradeep Kumar Chaube ने बताया कि बेसमेंट में लगातार तीन दिन तक अलग-अलग जगह गड्ढे बनाकर और रिवॉल्विंग ब्रांच की मदद से पानी डाला गया। रविवार दोपहर बाद जब आग पूरी तरह नियंत्रित हुई तो सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें कबाड़ के बीच एक अधजला शव मिला। बाद में परिजनों ने उसकी पहचान उपेंद्र कुमार के रूप में की।

परिजनों के अनुसार लगातार दो शिफ्ट करने के कारण आशंका है कि उपेंद्र बेसमेंट के स्टोर रूम में सो गया होगा। आग लगने के बाद जब उसने बाहर निकलने की कोशिश की तो वह वहीं फंस गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन सोमवार सुबह शव को गांव ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।

इस हादसे में कई कर्मचारी घायल भी हुए थे। आग के दौरान तीसरी और चौथी मंजिल से कूदने के कारण 38 कर्मचारी घायल हो गए थे, जिनमें से दो का इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

दमकल विभाग के अनुसार आग बुझाने के लिए कुल 47 दमकल गाड़ियों और करीब 23 लाख लीटर पानी का इस्तेमाल किया गया। आग से फैक्ट्री की चारों मंजिलों और बेसमेंट को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे भवन की स्थिति काफी कमजोर हो गई है।

प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर फैक्ट्री भवन को गिराने का फैसला भी लिया जा सकता है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि इस मामले में परिजनों की ओर से अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी गई है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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