Noida Airport Guest House: नोएडा एयरपोर्ट के आसपास बनेंगे गेस्ट हाउस और सरकारी कार्यालय, हाईकोर्ट और मध्यप्रदेश सरकार ने मांगी जमीन
नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विभिन्न राज्यों और केंद्रीय संस्थानों के गेस्ट हाउस, कार्यालय और अन्य केंद्र विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट और मध्यप्रदेश सरकार ने गेस्ट हाउस बनाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) से जमीन मांगी है। इसके अलावा कई केंद्रीय संस्थान और सुरक्षा बल भी अपने केंद्र स्थापित करने के लिए जमीन की मांग कर चुके हैं। इन प्रस्तावों को लेकर यीडा स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
यीडा के एक अधिकारी के मुताबिक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब सात किलोमीटर के दायरे में विकसित किए जा रहे विभिन्न सेक्टरों में राज्यों और केंद्रीय संस्थानों को जमीन आवंटित करने पर विचार किया जा रहा है। इस जमीन का उपयोग गेस्ट हाउस, कार्यालय, संस्थागत भवन और अन्य सरकारी गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा।
जिन सेक्टरों में विभिन्न राज्यों और केंद्रीय संस्थानों को जमीन देने की तैयारी की जा रही है, उनमें सेक्टर-22ई, 22एफ, 23ए, 23बी और 23सी समेत अन्य सेक्टर शामिल हैं। एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे इन सेक्टरों में आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण सरकारी और संस्थागत परियोजनाएं आकार ले सकती हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के गेस्ट हाउस के लिए सेक्टर-9 में जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। एयरपोर्ट के नजदीक गेस्ट हाउस बनने से हाईकोर्ट से जुड़े अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों को आधिकारिक दौरों के दौरान ठहरने के लिए स्थायी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
इसके अलावा मध्यप्रदेश सरकार की ओर से भी क्षेत्र में अपना गेस्ट हाउस विकसित करने के लिए जमीन मांगी गई है। यीडा के पास अन्य राज्यों से भी इस तरह के प्रस्ताव पहुंच रहे हैं।
यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आरके सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट समेत कई राज्यों की ओर से गेस्ट हाउस बनाने के लिए जमीन की मांग की गई है। प्राधिकरण इन प्रस्तावों को आगामी बोर्ड बैठक में रखेगा। बोर्ड की मंजूरी के बाद जमीन आवंटन से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
अधिकारियों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विभिन्न राज्यों और सरकारी संस्थानों के गेस्ट हाउस बनने से आधिकारिक दौरों पर आने वाले अधिकारियों को ठहरने के लिए सुविधाजनक और स्थायी स्थान उपलब्ध होंगे।
इससे नोएडा एयरपोर्ट, यीडा क्षेत्र और आसपास विकसित हो रही विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित बैठकों, निरीक्षण और अन्य आधिकारिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले अधिकारियों को भी सुविधा मिलेगी।
यमुना सिटी में केवल राज्यों के गेस्ट हाउस ही नहीं, बल्कि कई केंद्रीय संस्थानों और सुरक्षा बलों के केंद्र स्थापित करने की भी तैयारी है। सीआरपीएफ और सीआईएसएफ समेत कई केंद्रीय संस्थान यहां जमीन की मांग कर चुके हैं।
केंद्रीय पासपोर्ट प्रशिक्षण केंद्र के लिए भी यमुना सिटी में जमीन की मांग की गई है। इनमें से कई संस्थानों के लिए यीडा की ओर से भूमि चिह्नित किए जाने की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन और यमुना सिटी में बड़ी परियोजनाओं के विकास के साथ इस क्षेत्र में सरकारी और संस्थागत गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है। ऐसे में गेस्ट हाउस और कार्यालयों की जरूरत भी बढ़ने की उम्मीद है।
राज्य सरकारों और केंद्रीय संस्थानों के गेस्ट हाउस तथा कार्यालय बनने से यमुना सिटी में बैठकों, निरीक्षण, आधिकारिक दौरों और प्रशासनिक गतिविधियों के लिए बेहतर संस्थागत ढांचा तैयार हो सकेगा।
यीडा क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और अन्य बड़ी परियोजनाएं भी विकसित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं के कारण क्षेत्र में पहले से ही सरकारी, औद्योगिक और कारोबारी गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।
अधिकारियों का मानना है कि विभिन्न राज्यों और केंद्रीय संस्थानों की मौजूदगी बढ़ने से यमुना सिटी में संस्थागत ढांचा और मजबूत होगा। इससे क्षेत्र में कारोबारी और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
सरकारी और संस्थागत गतिविधियां बढ़ने का असर आसपास के व्यावसायिक क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की आवाजाही बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी और दूसरी सेवाओं की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
इसके साथ ही नए संस्थानों, कार्यालयों और व्यावसायिक गतिविधियों के विकास से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहा क्षेत्र आने वाले समय में केवल विमानन गतिविधियों तक सीमित न रहकर एक बड़े प्रशासनिक, कारोबारी और संस्थागत केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकता है।

