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Noida Airport Cargo Service: नोएडा एयरपोर्ट से कार्गो उड़ान शुरू करने की तैयारी तेज, बनेगा बड़ा लॉजिस्टिक्स हब

Noida Airport Cargo Service: नोएडा एयरपोर्ट से कार्गो उड़ान शुरू करने की तैयारी तेज, बनेगा बड़ा लॉजिस्टिक्स हब

Noida International Airport से कार्गो उड़ान शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। एयरपोर्ट को उत्तर भारत के बड़े लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब के रूप में विकसित करने के लिए एयरपोर्ट संचालित करने वाली कंपनी Yamuna International Airport Private Limited, Air India SATS Services Private Limited और Afcom Holdings Limited के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी हुई है।

इस समझौते के तहत अफकॉम होल्डिंग्स अपने मालवाहक विमानों को नोएडा एयरपोर्ट पर तैनात कर कार्गो उड़ानों का संचालन करेगी। इससे एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय कार्गो नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी और उत्तर भारत के उद्योगों को तेज एवं आधुनिक माल ढुलाई सुविधा मिल सकेगी।

साझेदारी के तहत तीनों कंपनियां मिलकर नए अंतरराष्ट्रीय कार्गो बाजारों की तलाश करेंगी। इसके साथ ही माल ढुलाई की मांग के अनुसार नेटवर्क विकसित किया जाएगा और कार्गो संचालन के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। कंपनियां संयुक्त रूप से कार्गो सेवाओं के प्रचार और वैश्विक स्तर पर मार्केटिंग रणनीति भी बनाएंगी।

बताया गया है कि Afcom Holdings Limited चेन्नई की एक अंतरराष्ट्रीय कार्गो एयरलाइन है। कंपनी के पास तीन Boeing 737-800 Freighter मालवाहक विमान हैं। यह एयरलाइन बैंकॉक, यांगून, हनोई, कोलंबो, माले और दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों तक कार्गो सेवाएं संचालित करती है। कंपनी सामान्य माल, इलेक्ट्रॉनिक्स, जल्दी खराब होने वाले उत्पाद, प्रोजेक्ट कार्गो और खतरनाक वस्तुओं की ढुलाई भी करती है।

अफकॉम के चेयरमैन Deepak Parasuraman ने कहा कि यह साझेदारी ग्राहकों को विश्वस्तरीय एयर कार्गो सेवाएं उपलब्ध कराएगी और नोएडा एयरपोर्ट को एक बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि इससे नए व्यापार मार्ग खुलेंगे और उद्योगों की सप्लाई चेन अधिक तेज और प्रभावी बनेगी।

वहीं नोएडा एयरपोर्ट की सीओओ Kiran Jain ने कहा कि यह साझेदारी एयरपोर्ट पर मजबूत कार्गो व्यवस्था विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे उत्तर भारत को वैश्विक व्यापार से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

Ramanathan Rajamani ने कहा कि भारत में तेजी से बढ़ती व्यापार और लॉजिस्टिक्स जरूरतों को देखते हुए आधुनिक कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद जरूरी है और यह समझौता भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब बनाने में मदद करेगा।

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