नोएडा के 29 बिल्डरों की जांच कर सकती है ईओडब्ल्यू

अमर सैनी

नोएडा। अमिताभ कांत की संस्तुति के अनुसार आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) अब उन बिल्डरों के खिलाफ जांच कर सकती है, जिन्होंने सहमति पत्र और कुल बकाया का 25 प्रतिशत जमा नहीं किया है। इसके लिए प्राधिकरण ने ईओडब्ल्यू से संपर्क किया है। प्रत्येक बिल्डर की जानकारी, उनकी देनदारी, आवंटन पत्र और प्रभावित खरीदारों की पूरी जानकारी ईओडब्ल्यू को दी जाएगी। उनसे मार्गदर्शन लिया जाएगा। इसमें नोएडा क्षेत्र के 29 बिल्डर हैं। इन पर करीब 6902 करोड़ रुपये बकाया हैं। अगर पैसा जमा हो जाता है तो 12616 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री हो सकती है।

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने बताया कि इन बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें नौ ऐसे बिल्डर हैं, जिन्हें कई बार नोटिस जारी कर बैठक में बुलाया गया। लेकिन अब तक न तो इन लोगों ने सहमति दी है और न ही वे बैठक में शामिल हुए। हाल ही में लखनऊ में हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे सभी बिल्डरों के प्लॉट निरस्त किए जाएं। साथ ही, बिना बिकी हुई इन्वेंट्री को सील किया जाए। बिना बिकी हुई इन्वेंट्री को बेचकर बकाया वसूला जाए। साथ ही, आर्थिक अपराध शाखा को जांच के लिए भेजा जाए।

तीन बिंदुओं में समझें किन बिल्डरों की होगी जांच

जिन बिल्डरों ने अमिताभ कांत की सिफारिश के अनुसार सहमति जताई, लेकिन पैसा जमा नहीं किया। उनकी संख्या 7 है। उन पर 1575.48 करोड़ बकाया है। अगर वे पैसा जमा कर देते हैं, तो 2853 की रजिस्ट्री हो सकेगी।
जिन बिल्डरों ने सिफारिश के अनुसार सहमति जताई और आंशिक पैसा जमा कर दिया। उनकी संख्या 13 है। उन पर 4147.54 करोड़ बकाया है। पैसा जमा करने पर 5263 खरीदारों की रजिस्ट्री हो सकेगी।
जिन बिल्डरों ने न तो सहमति जताई और न ही बैठक में आए। उनकी संख्या 9 है। उन पर 1180 करोड़ बकाया है। पैसा जमा करने पर 4500 खरीदारों की रजिस्ट्री हो सकेगी।

12616 खरीदारों की रजिस्ट्री अटकी
इन बिल्डरों पर 6902 करोड़ बकाया है। अमिताभ कांत की संस्तुति के तहत इन बिल्डरों को कोविड का लाभ देते हुए दो साल के लिए जीरो पीरियड दिया गया था। इसके बाद इन्हें कुल बकाए का सिर्फ 25 फीसदी ही जमा करना था। बाकी रकम किस्तों में चुकानी थी। बिल्डरों ने न तो पैसा जमा किया और न ही सहमति जताई। ऐसे में अब प्राधिकरण कार्रवाई करने जा रहा है।

अब तक 1298 खरीदारों का पंजीकरण
प्राधिकरण ने अमिताभ कांत की संस्तुति के तहत 56 बिल्डर प्रोजेक्ट में से 22 बिल्डरों को छूट दी थी। इन बिल्डरों ने अब तक 25 फीसदी रकम 275.72 करोड़ रुपये जमा कर दी है। 6 बिल्डरों का बकाया जीरो हो गया है। इन 28 बिल्डर प्रोजेक्ट में कुल 2558 फ्लैट खरीदारों के पक्ष में पंजीकरण की अनुमति दी गई थी। जिसके सापेक्ष 3 सितंबर 2024 तक 1298 फ्लैट खरीदारों के पक्ष में पंजीकरण किए गए। 1260 पंजीकरण लंबित हैं। जब तक ये 22 बिल्डर अपना पूरा 25 प्रतिशत पैसा जमा नहीं करवा देते, इन्हें एनजीटी का जीरो पीरियड नहीं दिया जाएगा।

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