Noble Cooperative Bank: नोबल को-ऑपरेटिव बैंक पर ट्रांसपोर्टर्स के उत्पीड़न और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप, नोएडा बस एसोसिएशन ने की जांच की मांग

Noble Cooperative Bank: नोबल को-ऑपरेटिव बैंक पर ट्रांसपोर्टर्स के उत्पीड़न और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप, नोएडा बस एसोसिएशन ने की जांच की मांग
रिपोर्ट। अजीत कुमार
नोएडा में नोबल को-ऑपरेटिव बैंक को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। नोएडा बस एसोसिएशन ने बैंक प्रबंधन पर ट्रांसपोर्टर्स और छोटे व्यवसायियों के साथ सुनियोजित तरीके से आर्थिक शोषण, धोखाधड़ी और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार को नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि बैंक द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों और दिशा-निर्देशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे कई ट्रांसपोर्टर्स और व्यापारी भारी आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
नोएडा बस एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप धुप्पर ने बताया कि नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के कई ट्रांसपोर्टर्स और व्यवसायियों ने अपने कारोबार के विस्तार के लिए नोबल को-ऑपरेटिव बैंक से ऋण लिया था। आरोप है कि ऋण स्वीकृत होने के बाद बैंक प्रबंधन ने जानबूझकर ऋणधारकों को परेशान करना शुरू कर दिया। यहां तक कि कई मामलों में ब्याज सहित पूरा ऋण चुकाने के बावजूद बैंक द्वारा एनओसी यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी नहीं की गई। इसके बजाय ऋणधारकों को अनावश्यक कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाया गया और गिरवी रखी गई संपत्तियों को हड़पने का प्रयास किया गया।
एसोसिएशन के महासचिव अनिल दीक्षित ने आरोप लगाया कि बैंक के पदाधिकारी विजय कुमार शर्मा, राघव भारद्वाज, गोविन्द भारद्वाज और प्रतीक यादव आपसी मिलीभगत से एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे हैं। पीड़ित ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि बैंक के अधिकारी उन्हें यह कहकर धमकाते हैं कि पुलिस और प्रशासन उनके प्रभाव में है और चाहे कितनी भी एफआईआर दर्ज कराई जाए, कोई कार्रवाई नहीं होगी। इस तरह की धमकियों के चलते कई पीड़ित डर और दबाव में चुप रहने को मजबूर हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान बताया गया कि नोबल को-ऑपरेटिव बैंक के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज कराए जा चुके हैं। एसोसिएशन के अनुसार 24 मई 2024 को पंकज चौहान, 29 जुलाई 2025 को कालू सिंह चौहान, 7 नवंबर 2025 को सतपाल यादव और 12 नवंबर 2025 को राहुल द्वारा बैंक प्रबंधन के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रेसवार्ता में मौजूद सभी पीड़ितों ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बैंक प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
नोएडा बस एसोसिएशन ने प्रशासन, पुलिस विभाग और संबंधित नियामक संस्थाओं से मांग की है कि नोबल को-ऑपरेटिव बैंक की सभी गतिविधियों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। एसोसिएशन का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि पीड़ित ट्रांसपोर्टर्स और व्यवसायियों को न्याय मिल सके। एसोसिएशन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो संगठन को बैंक के खिलाफ आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
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