New Delhi : सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन यानी SCBA के बहुप्रतीक्षित चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने बड़ी जीत दर्ज की है। वह वर्ष 2026-27 के लिए SCBA के नए अध्यक्ष चुने गए हैं। प्रदीप राय ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम लाल दास को 371 वोटों के अंतर से पराजित किया।
चुनाव के नतीजों के अनुसार प्रदीप राय को कुल 822 वोट मिले जबकि अनुपम लाल दास को 451 वोट प्राप्त हुए। अध्यक्ष पद की दौड़ में वरिष्ठ अधिवक्ता आदिश सी. अग्रवाल को 412, गौरव भाटिया को 370, सुकुमार पट्टजोशी को 269, सिद्धार्थ मृदुल को 217 और महालक्ष्मी पवानी को 128 वोट मिले। प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक इस चुनाव में करीब 2,794 वोट डाले गए और मतदान प्रतिशत लगभग 82 फीसदी रहा।
प्रदीप राय अब वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह से SCBA अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। वर्ष 2024 में हुए चुनाव में वह कपिल सिब्बल के बाद दूसरे स्थान पर रहे थे। 2025 के चुनाव में भी उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की थी लेकिन तब विकास सिंह विजयी हुए थे। प्रदीप राय इससे पहले SCBA के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान प्रदीप राय ने सुप्रीम कोर्ट में मामलों की सुनवाई के लिए सीक्वेंसिंग सिस्टम को खत्म करने की मांग उठाई थी। उन्होंने अधिवक्ताओं के कल्याण को अपने एजेंडे में सबसे ऊपर रखा। उनके घोषणापत्र में वकीलों के लिए 50 लाख रुपये तक का मेडिकल सिक्योरिटी कवर और SCBA सदस्यों के बच्चों के लिए मेरिट आधारित छात्रवृत्ति जैसी प्रमुख घोषणाएं शामिल थीं।
अन्य पदों पर भी नए चेहरे चुनकर आए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल कौशिक उपाध्यक्ष चुने गए हैं। सचिव पद पर अधिवक्ता प्रज्ञा बघेल, संयुक्त सचिव पद पर अधिवक्ता मीनेश दुबे और कोषाध्यक्ष पद पर अधिवक्ता रीपक कंसल निर्वाचित हुए हैं।
इस बार SCBA चुनाव सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में संपन्न हुआ। अप्रैल 2026 में शीर्ष अदालत ने चुनाव प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया था। अदालत ने चुनावी सुधारों को लेकर पहले दिए गए निर्देशों में संशोधन करते हुए इन सुधारों को 2027 तक के लिए टाल दिया था और अगस्त 2026 के आसपास चुनाव कराने को कहा था।
प्रदीप राय की यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने लगातार तीसरी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा। 2024 में उन्हें 689 वोट मिले थे जबकि कपिल सिब्बल को 1,066 वोट प्राप्त हुए थे। दो साल की मेहनत के बाद इस बार उन्होंने न केवल अपनी स्थिति मजबूत की बल्कि अध्यक्ष पद भी हासिल कर लिया।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन देश की सर्वोच्च अदालत में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं का सबसे बड़ा और प्रभावशाली संगठन है। ऐसे में SCBA अध्यक्ष का पद कानूनी बिरादरी में बड़ी जिम्मेदारी माना जाता है। अब प्रदीप राय के सामने चुनाव के दौरान की गई घोषणाओं को जमीन पर उतारने, अधिवक्ताओं के कल्याण, पेशेवर सुविधाओं और सुप्रीम कोर्ट से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों को सुलझाने की चुनौती होगी।


