
New Delhi : केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ पहल से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार राजधानी की महिला निवासियों के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की शुरुआत करने जा रही है। 2 मार्च को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सशक्त नारी समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में द्रौपदी मुर्मु इस महत्वाकांक्षी योजना ‘पिंक कार्ड’ का शुभारंभ करेंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह कार्ड दिल्ली निवासी महिलाओं को डीटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देगा, जबकि मेट्रो, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में इसी एक स्मार्ट कार्ड के माध्यम से सशुल्क यात्रा की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार यह पहल सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, सुरक्षित और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे महिलाओं के दैनिक यात्रा खर्च में कमी आएगी और उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य व अन्य सामाजिक अवसरों तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।
तीन प्रकार के एनसीएमसी कार्ड होंगे जारी
योजना के तहत तीन प्रकार के एनसीएमसी कार्ड जारी किए जाएंगे। पिंक कार्ड दिल्ली निवासी पात्र महिलाओं के लिए होगा। ब्लू कार्ड सामान्य यात्रियों के लिए और ऑरेंज कार्ड मासिक पास उपयोगकर्ताओं के लिए जारी किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में पिंक और ब्लू कार्ड लॉन्च किए जाएंगे, जबकि ऑरेंज कार्ड बाद में लागू किया जाएगा।
कार्ड जारी करने के लिए दिल्ली परिवहन निगम ने हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड (मुफिनपे) और एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को अधिकृत किया है। ये कार्ड सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में पहले से लागू ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम से एकीकृत होंगे। पिंक कार्ड पात्र महिलाओं को पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा और इसकी संपूर्ण लागत दिल्ली सरकार वहन करेगी।
50 केंद्रों पर उपलब्ध होगा पिंक कार्ड
कार्ड वितरण के लिए लगभग 50 केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें जिला मजिस्ट्रेट और एसडीएम कार्यालयों के साथ डीटीसी के चयनित केंद्र शामिल होंगे। न्यूनतम दस्तावेजों के आधार पर कार्ड जारी किया जाएगा ताकि प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रहे। प्रत्येक पिंक कार्ड लाभार्थी के मोबाइल नंबर और आधार से लिंक होगा। आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से आयु, लिंग और दिल्ली निवास की पुष्टि की जाएगी, जिससे पात्रता सुनिश्चित हो सके और डुप्लिकेशन रोका जा सके।
डिजिटल और टच-फ्री सफर की शुरुआत
पिंक कार्ड टच-फ्री और सुरक्षित स्मार्ट कार्ड होगा, जिससे प्रत्येक यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। नकद लेन-देन में कमी आएगी और राजस्व प्रबंधन अधिक पारदर्शी बनेगा। यात्रा आंकड़ों के आधार पर बस रूट और बसों की संख्या तय करने में भी सहायता मिलेगी। यह कार्ड पिंक पेपर टिकट की जगह लेगा, जिससे पूरी व्यवस्था अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘वन नेशन, वन कार्ड’ विजन से प्रेरित है और दिल्ली में एकीकृत, आधुनिक तथा महिला-केंद्रित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के दौरान चयनित महिला लाभार्थियों को औपचारिक रूप से पिंक एनसीएमसी कार्ड वितरित किए जाएंगे। यह योजना राजधानी में डिजिटल और समावेशी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक अहम मील का पत्थर मानी जा रही है।





