
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकतम सरकारी बैठकों को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे ईंधन, समय और संसाधनों की बचत सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने सभी विभागों को बिजली की खपत कम करने, कार्यालयों में ऊर्जा बचत के उपाय अपनाने और जिम्मेदार प्रशासनिक कार्यशैली विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय वाहनों के ईंधन खर्च में कम से कम 20 प्रतिशत तक कमी सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने ‘मेट्रो मंडे’ पहल को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से सप्ताह में एक दिन अधिकतम मेट्रो तथा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि अटल कैंटीन, आरोग्य मंदिर, फायर विभाग के कार्यालयों और अन्य जनसुविधा केंद्रों का नियमित दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए ताकि नागरिकों को सरकारी सुविधाओं का लाभ समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से मिल सके।
मानसून की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी इलाके में नाले खुले न रहें और खतरनाक पेड़ों को तुरंत हटाया जाए ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को पीएनजी कनेक्शन से संबंधित कार्यों में तेजी लाने और लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी अपने क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों और सुधारात्मक प्रयासों की जानकारी नियमित रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करें ताकि जनता को सरकारी कार्यों की पारदर्शी जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री के ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान को केवल सरकारी पहल नहीं बल्कि जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।


