Yamuna Authority: यमुना अथॉरिटी बोर्ड ने न्यू आगरा मास्टर प्लान पर लगाई मुहर, चंडीगढ़ मॉडल पर विकसित होगा आधुनिक शहर

Yamuna Authority: यमुना अथॉरिटी बोर्ड ने न्यू आगरा मास्टर प्लान पर लगाई मुहर, चंडीगढ़ मॉडल पर विकसित होगा आधुनिक शहर
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने न्यू आगरा को चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम आगे बढ़ा दिया है। अथॉरिटी की आने वाली बोर्ड मीटिंग में न्यू आगरा के मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। दिल्ली स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर ने मास्टर प्लान की विस्तृत समीक्षा के बाद अपने सुझावों के साथ इसे यमुना अथॉरिटी को सौंप दिया है, जिसके बाद अब इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
अधिकारियों के अनुसार SPA द्वारा दिए गए सुझावों पर जल्द ही एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें यमुना अथॉरिटी के अधिकारी, SPA के विशेषज्ञ, मास्टर प्लान तैयार करने वाली कंसल्टेंट कंपनी और आगरा प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस बैठक में सुझावों पर गहन चर्चा कर यह तय किया जाएगा कि किन बिंदुओं को मास्टर प्लान में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद फाइनल प्लान को बोर्ड की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
आगरा जिले के कुल 58 गांव यमुना अथॉरिटी के अधिसूचित क्षेत्र में आते हैं। इन गांवों की करीब 12,000 हेक्टेयर जमीन पर न्यू आगरा शहर को विकसित करने की योजना है। इस शहर को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि यहां करीब 14.6 लाख लोगों को बसाया जा सके। बेहतर सड़क नेटवर्क, आधुनिक आवासीय सेक्टर, व्यावसायिक क्षेत्र, औद्योगिक क्लस्टर, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ इसे एक सुनियोजित स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
न्यू आगरा परियोजना से रोजगार के क्षेत्र में भी बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है। अनुमान है कि पर्यटन, औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार से करीब 8.5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। ताजमहल के कारण आगरा पहले से ही अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मौजूद है और न्यू आगरा के विकास से पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना है।
चूंकि आगरा ताजमहल की वजह से संरक्षित क्षेत्र की श्रेणी में आता है, इसलिए SPA ने मास्टर प्लान में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। सुझावों में पर्यावरण के अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा देने, ग्रीन बेल्ट और खुले क्षेत्रों को पर्याप्त जगह देने, साथ ही ट्रैफिक मैनेजमेंट को आधुनिक और सुगम बनाने जैसे अहम बिंदु शामिल हैं। इन उपायों का उद्देश्य विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना है।
यमुना अथॉरिटी के एडिशनल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि SPA से मिले सुझावों को गंभीरता से परखा जा रहा है। जो सुझाव व्यावहारिक और क्षेत्र के अनुकूल होंगे, उन्हें मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद यह मास्टर प्लान राज्य सरकार को भेजा जाएगा, ताकि आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर परियोजना को धरातल पर उतारा जा सके। न्यू आगरा के विकास से न सिर्फ आगरा बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





