हरियाणाराज्य

Haryana Government Schemes: ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ से बिना आवेदन घर बैठे मिल रहा योजनाओं का लाभ: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Haryana Government Schemes: ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ से बिना आवेदन घर बैठे मिल रहा योजनाओं का लाभ: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने 58 लाख लाभार्थियों को जारी किए 2115 करोड़ रुपये

‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ से लेकर किसानों के मुआवजे और सामाजिक सुरक्षा पेंशन तक सीधे खातों में पहुंची राशि

अब घर बैठे मिलेगा बिल्डिंग प्लान अप्रूवल, किसानों को व्हाट्सएप पर पहुंचे जे-फार्म

रिपोर्ट: कोमल रमोला

चंडीगढ़ , 8 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के डिजिटल प्लेटफार्म तथा किसानों को जे फार्म व्हाटसएप पर भेजे जाने की शुरुआत कर दी है।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा निवास में आयोजित प्रैसवार्ता के दौरान प्रदेश के आमजन और किसानों को इन दो बड़ी सौगातों के अलावा 24 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 2 हजार 115 करोड़ 41 लाख रुपये राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में जारी किए। इसके तहत 58 लाख 87 हजार 479 पात्र लाभार्थियों को लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह ने डीबीटी के माध्यम से जिन लाभार्थियों को राशि वितरित की गई है, उनमें दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की सातवीं किस्त,हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत जारी होने वाली सब्सिडी राशि, खरीफ फसल-2025 का मुआवजा, भावांतर भरपाई योजना की राशि के अलावा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पेंशन राशि शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की सातवीं किस्त के तहत 9 लाख 76 हजार लाभार्थी बहनों के खातों में 205 करोड़ रुपये की राशि डाली गई है। इसे मिलाकर अब तक 7 किस्तों में 1 हजार 415 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि आज 18 तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 1 हजार 146 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि सीधे 35 लाख 62 हजार लाभार्थियों के खातों में डाली गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता और दिव्यांगजन भत्ता और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ को अपनाया है। इसके तहत परिवार पहचान पत्र डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वयं निर्धारित होती है और पात्र नागरिकों को बिना दफ्तरों के चक्कर काटे, बिना आवेदन किए घर बैठे ही भत्ते का लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण भी डीबीटी के माध्यम से किया गया है। सरकार ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के 64 हजार 923 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में 100 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि जारी की है। यह छात्रवृत्ति 2 लाख 50 हजार रुपये तक वार्षिक आय वाले अनुसूचित जाति के परिवारों के कक्षा 11वीं से स्नातकोत्तर तक के विद्यार्थियों को दी जाती है। छात्रवृत्ति राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत पात्र विद्यार्थियों को जारी की गई है। इससे पहले छात्रवृत्ति राशि वितरित करने की प्रक्रिया विभिन्न विभागीय स्तर पर आधारित थी, जिसके कारण भुगतान में देरी व तकनीकी विसंगतियों का सामना करना पड़ता था। इसलिए प्रदेश सरकार ने ओ.बी.सी., ई.बी.सी. और डी.एन.टी. योजनाओं को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के साथ ऑन -बोर्ड किया है। इससे भुगतान की प्रक्रिया सरल हुई है

मुख्यमंत्री ने कहा कि दयालु योजना के तहत 5 हजार 677 परिवारों को 215 करोड़ 29 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। साथ ही आज गैस सिलेंडर रिफिल करवाने वाली 11 लाख 23 हजार बहनों के बैंक खातों में फरवरी और मार्च माह की 38 करोड़ 54 लाख रुपये की सब्सिडी भी डाली है। इस योजना में पात्र महिलाओं को हर महीने 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है।

किसानों को मुआवजा और भावांतर भरपाई योजना की राशि भी हुई जारी

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बारिश और जल भराव के कारण खराब हुई खरीफ फसल-2025 के लिए 1 लाख 50 हजार 583 किसानों को 370 करोड़ 52 लाख रुपये की मुआवजा राशि जारी की है।

इसके तहत भिवानी जिले के 29 हजार 539 किसानों को 66 करोड़ 88 लाख रुपये तथा हिसार जिले के 25 हजार 812 किसानों को 64 करोड़ 40 लाख रुपये जारी की गई है।

उन्होंने कहा कि इससे पहले, किसानों को 6 हजार 272 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की जा चुकी है। पिछले साढ़े 11 वर्षो में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल खराब होने पर 9 हजार 888 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम भी दिये गये हैं। आज की राशि को मिलाकर प्रदेश में पिछले साढ़े 11 सालों में किसानों को फसल के मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कुल 16 हजार 530 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार से पहले कांग्रेस सरकार के 10 साल के शासनकाल में केवल 1 हजार 138 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की गई थी। यही नहीं, कांग्रेस सरकार तो किसानों की 269 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि बकाया छोड़कर चली गई थी। इसे भी डबल इंजन सरकार ने जारी करने का काम किया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू और फूलगोभी के लिए 5 हजार 296 किसानों को 38 करोड़ 88 लाख रुपये की भावांतर राशि जारी की है। यह राशि पांच जिलों- अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और पंचकूला के सब्जी उत्पादक किसानों को जारी की गई है। आज जारी की गई राशि को मिलाकर अब तक 39 हजार 557 किसानों को 196 करोड़ 3 लाख रुपये की राशि भावांतर भरपाई के रूप में जारी की जा चुकी है।

ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम शुरू

हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के डिजिटल प्लेटफार्म की शुरुआत की है। अब इस प्लेटफॉर्म से आम नागरिकों को घर बैठे ही प्लॉट और निर्माण से जुड़ी मंजूरी बिना किसी देरी के आसानी से मिलेगी। पहले चरण में, पुरानी नगर पालिकाओं या कोर क्षेत्रों में प्लान्ड रिहायशी प्लॉट्स की ऑनलाइन मंजूरी शुरू की जा रही है। इस सिस्टम से समय की बचत होगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और काम की जवाबदेही तय होगी।

उन्होंने कहा कि इससे आम आदमी को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी व सरल बनेगी। नया सिस्टम लागू होने से पहले आर्किटेक्ट्स और नगर निकाय अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

जे—फार्म भेजे किसानों को व्हाट्सएप पर

उन्होंने कहा कि आज जे-फार्म किसानों को व्हाट्सएप पर भेजे गए है, भविष्य में भी ऐसे ही मिलेंगे। सरकार ने 25 अप्रैल को चालू रबी खरीद सीजन के दौरान एम.एस.पी. पर बेची गई गेहूं, सरसों व चना की फसलों के जे-फार्म किसान के व्हाट्सएप पर भेजे जाने की घोषणा की थी। 6 मई तक 5 लाख 78 हजार किसानों द्वारा अपनी उपज मंडियों में बेची गई। इन किसानों को 13 लाख 77 हजार जे-फार्म जारी किये गए हैं। यह सुविधा प्रदेश में पहली बार शुरू की गई है। अब किसानों को अपना जे-फार्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना पडे़गा।

हरियाणा में गेहूं खरीद के व्यापक इंतजाम

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने गेहूं खरीद के लिए मंडियों में व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रदेश में गत 1 अप्रैल से 7 मई तक मंडियों में 84 लाख 18 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 83 लाख 75 हजार मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री हेतु किसानों का बाॅयोमैट्रिक सत्यापन हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब तक 82 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

इस दौरान मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन एवं समेकन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.एम.पांडुरंग, शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री चंद्रशेखर खरे, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के महानिदेशक श्री अंशज सिंह, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासक) श्रीमती वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीन आत्रेय भी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button