Mobile Theft Gang: 50 लाख रुपये के चोरी के मोबाइल के साथ छह आरोपी गिरफ्तार, 154 फोन, 2.50 लाख कैश और स्कॉर्पियो बरामद
नोएडा। ग्रेटर नोएडा की बीटा-2 थाना पुलिस ने कंटेनर से मोबाइल फोन चोरी कर उन्हें बाजार में कम कीमत पर बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 154 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा आरोपियों के पास से 2.50 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्कॉर्पियो कार भी बरामद की गई है।
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा संतोष कुमार ने बताया कि बीटा-2 थाना पुलिस को गिरोह के सदस्यों के संबंध में सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस टीम ने सोमवार को पीपल वाला गोल चक्कर नट मेड्या के पास कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का मास्टरमाइंड केशव कुमार है। वह पहले भी चोरी के कई मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस जांच में सामने आया कि केशव एक लॉजिस्टिक कंपनी में कंटेनर चालक के रूप में काम करता था। इसी दौरान उसने कंपनी से डिलीवरी के लिए भेजे जाने वाले मोबाइल फोन चोरी करने की योजना बनाई।
कंपनी के डी-28, साइट-4 स्थित प्रतिष्ठान से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन अलग-अलग स्थानों पर डिलीवरी के लिए कंटेनर में भेजे जाते थे। कंटेनर चालक होने के कारण केशव को मोबाइल फोन के परिवहन और डिलीवरी की प्रक्रिया की जानकारी थी। पुलिस का दावा है कि इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मोबाइल चोरी करना शुरू किया।
पुलिस के अनुसार केशव मोबाइल फोन लेकर जाने वाले कंटेनर को रास्ते में किसी सुनसान स्थान पर रोक देता था। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ कंटेनर की सील खोलता और अंदर रखे मोबाइल फोन के कार्टन निकाल लेता था।
आरोपी मोबाइल फोन के कार्टन को भी बेहद शातिर तरीके से खोलते थे। पुलिस के मुताबिक कार्टन को इस तरह काटा जाता था कि उसमें से मोबाइल फोन निकालने के बाद पैकेजिंग को दोबारा लगभग पहले जैसी स्थिति में रखा जा सके।
मोबाइल निकालने के बाद आरोपी कार्टन को दोबारा कंटेनर में रख देते थे। बाहर से देखने पर कंटेनर और उसके अंदर रखे कार्टन सामान्य दिखाई देते थे। इससे पहली नजर में यह पता लगाना मुश्किल होता था कि रास्ते में मोबाइल फोन चोरी किए जा चुके हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी किए गए मोबाइल फोन को गिरोह के अन्य सदस्यों की मदद से अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया जाता था। इसके बाद बाजार में मोबाइल फोन की मांग के हिसाब से उन्हें वास्तविक कीमत से कम दाम पर बेच दिया जाता था।
मोबाइल फोन बेचने से मिलने वाली रकम को आरोपी आपस में बांटकर अवैध रूप से कमाई करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने कितने मोबाइल फोन बेचे और चोरी के मोबाइल खरीदने या आगे बेचने में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
इस मामले का खुलासा कंपनी में मोबाइल फोन की ऑडिट प्रक्रिया के दौरान हुआ। ऑडिट में बड़ी संख्या में मोबाइल फोन कम पाए जाने के बाद कंपनी प्रबंधन ने अपने स्तर पर जांच की।
मोबाइल फोन की संख्या में कमी सामने आने के बाद कंपनी के मैनेजर ने 24 जुलाई 2026 को बीटा-2 थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कुल 165 मोबाइल फोन चोरी होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन की आवाजाही, कंटेनर और उससे जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की। इसी क्रम में पुलिस गिरोह तक पहुंची और छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केशव, मनोज और विनीत के रूप में हुई है, जो अलीगढ़ के रहने वाले हैं। इनके अलावा मथुरा निवासी रवि कुमार तथा बिजनौर निवासी हसीबुर रहमान और मोहम्मद शोएब को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 154 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। साथ ही 2.50 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक स्कॉर्पियो कार भी बरामद की है। पुलिस का दावा है कि इस वाहन का इस्तेमाल चोरी किए गए मोबाइल फोन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और गिरोह की गतिविधियों में किया जाता था।
कंपनी की शिकायत में 165 मोबाइल फोन चोरी होने की बात कही गई थी, जबकि पुलिस ने 154 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ऐसे में पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और चोरी किए गए बाकी मोबाइल फोन के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह कब से इस तरीके से मोबाइल फोन चोरी कर रहा था और इससे पहले उसने कितनी वारदातों को अंजाम दिया। चोरी के मोबाइल फोन खरीदने और उन्हें आगे बेचने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


