Cash Van Loot Case 2012 में बड़ा फैसला, आरोपी को 7 साल 6 महीने की सजा

Cash Van Robbery: Cash Van Loot Case 2012 में बड़ा फैसला, आरोपी को 7 साल 6 महीने की सजा
नोएडा : साल 2012 में हुए कैश वैन लूट और फायरिंग मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने एक आरोपी को 7 साल 6 महीने के सश्रम कारावास की सजा दी है, साथ ही 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह मामला उस समय का है जब दिल्ली स्थित राइटर सेफगार्ड कंपनी की कैश वैन Greater Noida के GIP Mall Noida में एक स्टोर से कैश लेने पहुंची थी। कंपनी एटीएम में कैश डालने और बड़े संस्थानों से नकदी एकत्र करने का काम करती थी।
6 अगस्त 2012 को कैश वैन के कर्मचारी सतेंद्र कुमार मॉल में 15 लाख रुपये से अधिक की रकम लेने पहुंचे थे। जैसे ही वह कैश लेकर लिफ्ट के पास पहुंचे, बदमाश विक्रम ने बैग छीन लिया और अपने साथियों गुड्डू और बाबू के साथ भागने लगा।
घटना के दौरान शोर मचने पर सुरक्षाकर्मियों ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड राजेश और मौके पर मौजूद सिपाही गिरवर ने उनका पीछा किया।
भागने के दौरान बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सुरक्षा कर्मी राजेश, सिपाही गिरवर और एक अन्य व्यक्ति मुकेश घायल हो गए। इसके बावजूद घायलों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर दो बदमाशों विक्रम और गुड्डू को मौके पर ही पकड़ लिया और लूट की रकम बरामद कर ली गई।
इस मामले में तीसरा आरोपी बाबू मौके से फरार हो गया था। पीड़ित की शिकायत पर Uttar Pradesh Police ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की थी।
अदालत ने आरोपी विक्रम को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। वहीं दूसरे आरोपी गुड्डू को जमानत मिलने के बाद वह 2016 से फरार चल रहा है। उसके खिलाफ अदालत ने कई बार समन जारी किए, लेकिन वह पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसका केस अलग कर दिया गया है और कुर्की की कार्रवाई जारी है।
इस फैसले के बाद पुराने मामले में न्याय मिलने से सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर एक अहम संदेश गया है।



