Krishna Janmashtami : कृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर मेरठ परिक्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की है। इस वर्ष जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। कई स्थानों पर मुख्य पर्व के बाद अगले छह दिनों तक मेले, झांकियां और शोभायात्राओं का दौर जारी रहता है। त्योहार के दौरान मंदिरों, बाजारों और घरों में आकर्षक झांकियां सजाई जाती हैं। पुलिस लाइन और थानों में भी परंपरागत रूप से यह पर्व मनाया जाता है। पिछले वर्षों में कुछ जगहों पर हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
पुलिस ने कानून व्यवस्था को संभालने के लिए पूरे परिक्षेत्र में 3500 जवानों की तैनाती की है। इनमें 6 अपर पुलिस अधीक्षक, 25 क्षेत्राधिकारी, 86 निरीक्षक, 635 उप निरीक्षक, 1022 मुख्य आरक्षी, 1270 आरक्षी, 440 होमगार्ड और पीआरडी के जवान तथा पीएसी की एक कंपनी शामिल है। निगरानी को मजबूत करने के लिए पूरे परिक्षेत्र को 24 जोन, 81 सेक्टर और 60 क्यूआरटी में बांटा गया है।
परिक्षेत्र के चार जिलों में कुल 104 शोभायात्राएं प्रस्तावित हैं। मेरठ में 14, बुलंदशहर में 36, बागपत में 28 और हापुड़ में 26 शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। शोभायात्रा मार्गों पर 39 स्थानों को संवेदनशील के रूप में चिन्हित किया गया है। इनमें मेरठ में 11, बुलंदशहर में 16, बागपत में 1 और हापुड़ में 11 स्थान हैं। जन्माष्टमी पर कुल 303 मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित होंगे। मेरठ में 186, बुलंदशहर में 44, बागपत में 35 और हापुड़ में 38 मंदिरों में आयोजन होगा। इसके अलावा 28 अन्य कार्यक्रम और भंडारे भी होंगे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 83 एंटी रोमियो स्क्वॉड को सक्रिय किया गया है। मेरठ में 32, बुलंदशहर में 28, बागपत में 12 और हापुड़ में 11 टीमें तैनात रहेंगी।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। सभी जिलों में पीस कमेटी, धर्मगुरु और संभ्रांत नागरिकों के साथ 118 बैठकें, नगर निगम, स्वास्थ्य और विद्युत विभाग के साथ 108 बैठकें तथा आयोजकों के साथ 106 बैठकें की जा चुकी हैं। त्योहार रजिस्टर को अपडेट किया जा रहा है और पहले हुए विवादों की समीक्षा की जा रही है।
डीआईजी मेरठ कलानिधि नैथानी ने सभी जिला प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी मंदिरों में पर्याप्त संख्या में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। मटकी फोड़ कार्यक्रम में सुरक्षा के लिए जाल लगाने जैसे अतिरिक्त उपाय कराए जाएं। शोभायात्रा मार्गों पर लटके बिजली के तारों को विद्युत विभाग के सहयोग से पहले ही दुरुस्त कराया जाए। थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी त्योहार से पहले मार्गों का भ्रमण कर लें और किसी विवाद की स्थिति में प्रशासन के साथ मिलकर उसका समाधान करें।
निर्देश में कहा गया है कि मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए और पर्याप्त पुलिस बल लगाया जाए। कार्यक्रम स्थलों के पास दूसरे धर्म के धार्मिक स्थलों को चिन्हित कर किसी भी आपत्ति का पहले ही निवारण कर लिया जाए। किसी नई या विवादित परंपरा को अनुमति न दी जाए। रूट डायवर्जन की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का पहले निरीक्षण कर लिया जाए ताकि जाम की स्थिति न बने।
आयोजकों से बात कर सभी कार्यक्रमों को सीसीटीवी से कवर कराने और वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए हैं। मेले और झांकियों में भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और पिकेट की व्यवस्था की जाएगी ताकि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और झपटमारी जैसी घटनाओं को रोका जा सके। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और भ्रामक पोस्ट मिलते ही उसे ब्लॉक कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। छोटी से छोटी सूचना को गंभीरता से लेकर तुरंत मौके पर पहुंचने और अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।


