AIIMS Delhi: एम्स दिल्ली ने 1200 किलोमीटर दूर से कराई रोबोटिक पित्ताशय सर्जरी की लाइव मेंटरिंग, चिकित्सा क्षेत्र में बना नया इतिहास

AIIMS Delhi: एम्स दिल्ली ने 1200 किलोमीटर दूर से कराई रोबोटिक पित्ताशय सर्जरी की लाइव मेंटरिंग, चिकित्सा क्षेत्र में बना नया इतिहास

नई दिल्ली, 2 जून। भारत में आधुनिक चिकित्सा और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लगभग 1200 किलोमीटर दूर स्थित एम्स रायपुर में रोबोटिक पित्ताशय (गाल ब्लैडर) सर्जरी का सफलतापूर्वक लाइव मार्गदर्शन किया। यह उपलब्धि भारत में दो एम्स संस्थानों के बीच टेलीप्रेजेंस तकनीक के माध्यम से की गई पहली लाइव रिमोट रोबोटिक सर्जिकल मेंटरिंग मानी जा रही है, जिसने चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के नए द्वार खोल दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, एम्स रायपुर में 35 वर्षीय एक युवक की रोबोटिक गाल ब्लैडर सर्जरी की जा रही थी। इस दौरान एम्स दिल्ली के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील चुंबर ने दिल्ली में रहते हुए पूरी प्रक्रिया का रियल-टाइम मार्गदर्शन किया। उन्होंने एम्स रायपुर की तीन सदस्यीय सर्जिकल टीम और डॉ. अंकिता को ऑपरेशन के महत्वपूर्ण चरणों में विशेषज्ञ सलाह और तकनीकी सहायता प्रदान की। वहीं, डॉ. देबज्योति मोहंती ने रायपुर स्थित ऑपरेशन थिएटर के बाहर से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की और आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया।

डॉ. सुनील चुंबर ने बताया कि यह सफलता इंट्यूटिव हब की उन्नत टेलीप्रेजेंस तकनीक की मदद से संभव हो सकी। इस तकनीक ने दोनों संस्थानों के डॉक्टरों को सर्जरी के दौरान लाइव संवाद, तत्काल निर्णय लेने और जटिल परिस्थितियों में विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त करने में सक्षम बनाया। इसके माध्यम से दूर बैठे विशेषज्ञ भी ऑपरेशन की बारीकियों को देख और समझा सकते हैं, जिससे सर्जरी की गुणवत्ता और सुरक्षा में वृद्धि होती है।

एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र कुमार बंसल ने कहा कि नई डिजिटल तकनीकों ने भौगोलिक सीमाओं को काफी हद तक समाप्त कर दिया है। अब देश के किसी भी हिस्से में मौजूद डॉक्टर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल चिकित्सा क्षेत्र में समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक जिंदल ने इस उपलब्धि को भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण संकेत बताते हुए कहा कि आने वाले समय में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार केवल तकनीक पर ही नहीं, बल्कि विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग और ज्ञान साझा करने की क्षमता पर भी आधारित होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

इस परियोजना के प्रमुख और रोबोटिक मेंटरिंग कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे डॉ. सुनील चुंबर ने बताया कि एम्स रायपुर में सफल लाइव मेंटरिंग के बाद अब देश के सभी एम्स संस्थानों को इस नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है। अगले चरण में पित्ताशय सर्जरी के अलावा किडनी, ऑर्थोपेडिक, मूत्राशय और कैंसर से संबंधित जटिल रोबोटिक सर्जरी के लिए भी लाइव रिमोट मेंटरिंग और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से देशभर में उन्नत रोबोटिक सर्जरी सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, डॉक्टरों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा और मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही यह परियोजना भारत के डिजिटल हेल्थकेयर इकोसिस्टम को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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