Delhi JJ Camp Fire: दिल्ली के JJ कैंप में दर्दनाक हादसा, आग में झुलसकर एक साल के मासूम की मौत, तीन साल की बच्ची ICU में भर्ती

Delhi JJ Camp Fire: दिल्ली के JJ कैंप में दर्दनाक हादसा, आग में झुलसकर एक साल के मासूम की मौत, तीन साल की बच्ची ICU में भर्ती
रिपोर्ट: रवि डालमिया
राजधानी दिल्ली के झिलमिल कृष्णा मार्केट स्थित JJ कैंप से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां आग लगने से एक साल के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी तीन साल की बहन जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और JJ कैंप जैसे क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की असुरक्षित जिंदगी और बुनियादी सुविधाओं की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, निशा अपने दो छोटे बच्चों, एक साल के बेटे आरनव और तीन साल की बेटी परी के साथ घर में खाना बना रही थीं। JJ कैंप में अधिकतर घरों में शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण निशा गैस पर खाना छोड़कर बाहर सामुदायिक शौचालय के लिए चली गईं। इसी दौरान गैस पर रखी सब्जी के पास रखे कपड़े अचानक गिर गए, जिससे आग लग गई। आग ने देखते ही देखते पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया और धुएं का गुबार फैल गया।
आग और धुआं देखकर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों मासूम बच्चे आग की चपेट में आ चुके थे। बच्चों को गंभीर हालत में तुरंत गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ICU में भर्ती किया। इलाज के दौरान एक साल के मासूम आरनव ने दम तोड़ दिया, जबकि उसकी बहन परी की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर लगातार उसकी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
रविवार को बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस के साथ क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम को मौके पर भेजा गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
मृतक बच्चे की मां निशा का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि वह सिर्फ थोड़ी देर के लिए शौचालय गई थीं और खाना धीमी आंच पर रखा था। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही मिनटों में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। निशा ने कहा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा और उनकी जिंदगी उजड़ गई है।
बच्चों की बुआ सझुला ने बताया कि घटना के समय वह फोन पर बात कर रही थीं, तभी उन्हें पड़ोसियों की चीख-पुकार सुनाई दी। जब वह मौके पर पहुंचीं तो देखा कि आग उनके ही परिवार के घर में लगी हुई थी। किसी तरह बच्ची को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन एक मासूम को बचाया नहीं जा सका।
यह हादसा एक बार फिर JJ कैंप जैसे इलाकों में रहने वाले लोगों की बदहाल स्थिति को सामने लाता है, जहां सीमित जगह, असुरक्षित घर और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी लोगों की जान पर बन आती है।
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