JIMS Strike: जिम्स में आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित, निदेशक और प्रशासन से होगी बातचीत
नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के आउटसोर्स कर्मचारियों ने सोमवार से प्रस्तावित अपनी हड़ताल को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। कर्मचारियों ने फिलहाल धरना-प्रदर्शन शुरू करने के बजाय सोमवार को संस्थान के निदेशक और जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के साथ होने वाली बातचीत के बाद कर्मचारी अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे।
जिम्स के 150 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से स्थायी नौकरी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे कई वर्षों से संस्थान में अलग-अलग पदों पर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी नौकरी को स्थायी करने के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
कर्मचारियों ने जून 2026 में भी अपनी मांगों को लेकर कई दिनों तक धरना और प्रदर्शन किया था। उस दौरान आंदोलन कर रहे कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किए जाने और मुकदमे दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद कर्मचारियों को शासन स्तर पर उनकी मांगों का समाधान कराने का आश्वासन दिया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी के चलते कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल पर जाने और धरना-प्रदर्शन करने का फैसला किया था। हालांकि, अब सोमवार को होने वाली बातचीत को देखते हुए हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
स्टाफ नर्स रश्मि ने बताया कि सोमवार को कर्मचारियों की जिम्स निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. आरके गुप्ता और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। बैठक में कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति समेत अन्य मांगों को रखा जाएगा। बातचीत के परिणाम के आधार पर आगे आंदोलन करने या उसे स्थगित रखने का निर्णय लिया जाएगा।
कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें स्थायी नौकरी देने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद जिम्स प्रबंधन की ओर से विभिन्न पदों पर दोबारा भर्ती निकाली जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से संस्थान में डाटा ऑपरेटर, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय समेत विभिन्न पदों पर काम कर रहे हैं।
कर्मचारियों के मुताबिक कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्हें स्थायी करने का आश्वासन दिया गया था। उनका कहना है कि महामारी के कठिन दौर में सेवाएं देने के बावजूद उनकी नौकरी से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके अलावा पिछले आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की मांग भी कर्मचारी कर रहे हैं।
अब सभी की नजर सोमवार को होने वाली बैठक पर है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि बातचीत के माध्यम से उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय निकल सकता है। वहीं, यदि बातचीत से समाधान नहीं निकला तो कर्मचारी आगे आंदोलन की रणनीति तय कर सकते हैं।

