Jewar Toll Exemption: जेवर के स्थानीय लोगों को यमुना एक्सप्रेसवे टोल से मिलेगी राहत, 14 साल पुरानी मांग पूरी; 17 सितंबर तक कराना होगा रजिस्ट्रेशन
नोएडा। जेवर क्षेत्र के स्थानीय लोगों की करीब 14 साल पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा पर एक्सप्रेसवे से प्रभावित और आसपास के गांवों के पात्र निवासियों को टोल शुल्क से छूट देने का फैसला लिया गया है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर को जन्मदिन के अवसर पर स्थानीय लोगों को यह सुविधा मिलने जा रही है। टोल फ्री आवागमन का लाभ लेने के लिए पात्र ग्रामीणों को 17 सितंबर तक अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
यमुना एक्सप्रेसवे बनने के बाद से ही आसपास के गांवों के लोग स्थानीय वाहनों को टोल शुल्क से राहत देने की मांग कर रहे थे। किसानों और क्षेत्र के लोगों का कहना था कि स्थानीय स्तर पर आवागमन के लिए भी एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने पर उन्हें बार-बार टोल देना पड़ता है।
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने भी इस मुद्दे को कई बार यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) और एक्सप्रेसवे का संचालन करने वाली कंपनी के अधिकारियों के सामने उठाया था।
किसानों, किसान संगठनों और क्षेत्र के लोगों की ओर से भी लगातार इस मांग को लेकर प्रयास किए जा रहे थे। अब स्थानीय निवासियों को टोल शुल्क से छूट देने का फैसला होने के बाद लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने का रास्ता साफ हो गया है।
विधायक धीरेंद्र सिंह ने गुरुवार दोपहर करीब एक बजे इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे अब स्थानीय लोगों के लिए केवल लंबी दूरी का मार्ग नहीं रह गया है, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण रास्ता बन चुका है।
जेवर और आसपास के गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय, अस्पताल, न्यायालय, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों को नियमित आवागमन के दौरान जेवर टोल प्लाजा से गुजरते समय बार-बार टोल शुल्क का भुगतान करना पड़ता था। इससे रोजाना या लगातार यात्रा करने वाले ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए अब पात्र स्थानीय निवासियों को निर्धारित व्यवस्था के तहत टोल शुल्क से छूट देने का फैसला लिया गया है। इससे प्रभावित और आसपास के गांवों के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि टोल छूट की सुविधा स्वतः लागू नहीं होगी। इसका लाभ लेने के लिए पात्र स्थानीय लोगों को अपने वाहन का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए 17 सितंबर तक का समय दिया गया है। पात्र व्यक्ति को अपने स्थानीय निवासी होने का प्रमाण देने वाले दस्तावेज के साथ आधार कार्ड और वाहन की आरसी की कॉपी प्रस्तुत करनी होगी।
इन दस्तावेजों को लेकर संबंधित व्यक्ति को जेवर टोल प्लाजा के मैनेजर या इसके लिए निर्धारित कार्यालय में जाना होगा। वहां दस्तावेज और पात्रता की जांच की जाएगी।
सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पात्र वाहन को टोल फ्री आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पंजीकृत स्थानीय वाहनों को जेवर टोल प्लाजा से आने-जाने के दौरान टोल शुल्क से राहत मिलेगी।
स्थानीय निवासियों के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण और क्षेत्र में हो रहे विकास में आसपास के गांवों की जमीन और स्थानीय लोगों की भूमिका रही है।
विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस फैसले को किसानों और क्षेत्र के लोगों के योगदान का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से स्थानीय लोग टोल से राहत की मांग कर रहे थे और अब इस दिशा में निर्णय लिया गया है।
उन्होंने इस फैसले के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, एक्सप्रेसवे प्रबंधन और किसान संगठनों का भी आभार जताया।
टोल छूट की सुविधा शुरू होने से जेवर और आसपास के पात्र ग्रामीणों को अस्पताल, न्यायालय, सरकारी कार्यालय, शिक्षण संस्थान और जिला मुख्यालय तक नियमित आवागमन में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
अब स्थानीय लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया अपने वाहनों का समय पर रजिस्ट्रेशन कराना है। पात्र ग्रामीणों को 17 सितंबर तक स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और वाहन की आरसी के साथ निर्धारित स्थान पर पहुंचकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।


