Jewar Farmers Compensation: जेवर के किसानों को जल्द मिल सकती है बड़ी राहत, मुआवजा 6,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर से अधिक होने की उम्मीद
नोएडा। जेवर क्षेत्र के किसानों को भूमि मुआवजे, आबादी भूखंड और 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे से जुड़े मामलों में जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शासन स्तर पर किसानों से संबंधित इन प्रमुख मुद्दों को लेकर सकारात्मक बातचीत होने के बाद महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना जताई गई है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने बुधवार शाम वीडियो जारी कर किसानों से जुड़े मामलों में हुई प्रगति की जानकारी दी।
विधायक धीरेंद्र सिंह के मुताबिक किसानों को जमीन के बदले मिलने वाली मुआवजा राशि को मौजूदा करीब 4,125 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 6,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर से अधिक किए जाने की दिशा में प्रगति हुई है। हालांकि अंतिम निर्णय शासन स्तर से होना है। फैसला होने पर जेवर क्षेत्र में विकास परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले किसानों को इसका बड़ा लाभ मिल सकता है।
धीरेंद्र सिंह ने कहा कि जेवर क्षेत्र के किसानों की समस्याओं और मांगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष लगातार रखा गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तेजी से चल रही विकास परियोजनाओं के बीच किसानों के हितों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है और इसी दिशा में सरकार के स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
जेवर क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत कई बड़ी विकास और औद्योगिक परियोजनाओं के कारण जमीन की आवश्यकता लगातार बढ़ी है। ऐसे में मुआवजे की दर किसानों के लिए प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। किसान लंबे समय से जमीन के बदले बेहतर मुआवजा और अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग उठाते रहे हैं।
मुआवजे के साथ किसानों के आबादी भूखंडों से जुड़ी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी काम किए जाने की जानकारी दी गई है। विधायक के मुताबिक प्रयास किया जा रहा है कि भविष्य में भूमि अधिग्रहण या जमीन खरीदने की प्रक्रिया के साथ ही संबंधित किसानों के आबादी भूखंडों के विकास की व्यवस्था सुनिश्चित हो जाए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को आबादी भूखंड हासिल करने के लिए लंबे समय तक प्राधिकरण कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है। यदि प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है तो जमीन से जुड़ी प्रक्रिया के साथ ही आबादी भूखंडों से संबंधित कार्रवाई भी आगे बढ़ सकेगी।
इसके अलावा उन किसानों का मामला भी शासन स्तर पर विचाराधीन बताया गया है, जिन्हें अब तक 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का लाभ नहीं मिल पाया है। विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस मामले में भी जल्द सकारात्मक निर्णय आने की उम्मीद जताई है।
किसानों के लिए 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का मुद्दा लंबे समय से महत्वपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में शासन की ओर से सकारात्मक फैसला होने पर उन किसानों को राहत मिल सकती है, जिनके मामले अभी तक लंबित हैं।
धीरेंद्र सिंह ने किसानों की समस्याओं को सरकार और संबंधित स्तर पर उठाने में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सांसद महेश शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर, नोएडा विधायक पंकज सिंह और विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी एवं श्रीचंद शर्मा का आभार जताया।
अब किसानों की नजर शासन के अंतिम निर्णय पर है। मुआवजे की नई दर, आबादी भूखंडों की व्यवस्था और लंबित 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे को लेकर औपचारिक फैसला सामने आने के बाद ही इन व्यवस्थाओं की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।


