Japan Investment: जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ आज बैठक, यमुना सिटी में निवेश के लिए पेश होगा जापानी सिटी का मॉडल
नोएडा। यमुना सिटी में जापानी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश शासन और यमुना सिटी से जुड़े अधिकारियों की बुधवार शाम दिल्ली के एक होटल में जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक होगी। तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए जापानी प्रतिनिधिमंडल के सामने यमुना सिटी की औद्योगिक संभावनाओं और प्रस्तावित जापानी सिटी परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जापानी कंपनियों और उद्यमियों को यमुना सिटी में निवेश के लिए आकर्षित करना है। यमुना विकास प्राधिकरण के अधिकारी जापानी प्रतिनिधिमंडल को क्षेत्र में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं, निवेश की संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके साथ ही यमुना सिटी को मिलने वाली बेहतर कनेक्टिविटी को भी निवेश के प्रमुख आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार और यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा एस्कोर्ट्स कबोटा, होंडा, डेंसो और मिंडा समेत कई प्रमुख कंपनियों के सीईओ भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
जापानी उद्यमियों को यमुना सिटी में विकसित हो रही कनेक्टिविटी के बारे में विशेष जानकारी दी जाएगी। इसमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुविधा भी प्रमुख रूप से शामिल होगी। अधिकारियों की ओर से बताया जाएगा कि एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और अन्य परिवहन सुविधाओं के विस्तार से यमुना सिटी में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार हो रहा है।
बैठक के दौरान जापानी सिटी परियोजना की संभावनाओं और यहां जापानी कंपनियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर भी चर्चा होगी। यीडा का प्रयास है कि जापान की कंपनियां यमुना सिटी में उद्योग स्थापित करें और क्षेत्र में निवेश बढ़े। इससे औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
यमुना सिटी को तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र के रूप में तैयार किया जा रहा है। ऐसे में जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाली यह बैठक निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि बैठक के जरिए जापानी उद्योग जगत को यमुना सिटी की भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया जा सकेगा और निवेश के लिए नए रास्ते खुलेंगे।


