Janmashtami Temples: जन्माष्टमी के लिए सजे नोएडा के मंदिर, इस्कॉन में 500 से अधिक व्यंजनों का लगेगा भोग; 12 साल बाद अष्टमी-रोहिणी का संयोग

Janmashtami Temples: जन्माष्टमी के लिए सजे नोएडा के मंदिर, इस्कॉन में 500 से अधिक व्यंजनों का लगेगा भोग; 12 साल बाद अष्टमी-रोहिणी का संयोग

नोएडा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए नोएडा के प्रमुख मंदिर सजकर पूरी तरह तैयार हो गए हैं। शहर के मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों में पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रमुख मंदिरों के कपाट सुबह चार बजे से खोल दिए जाएंगे और रात करीब एक बजे तक दर्शन किए जा सकेंगे। सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण को पिज्जा-पास्ता समेत 500 से अधिक प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा।

सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर, सेक्टर-19 स्थित सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-20 स्थित हनुमान मंदिर, सेक्टर-2 स्थित लाल मंदिर, सेक्टर-121 स्थित जगन्नाथ मंदिर, सेक्टर-62 स्थित अय्यप्पा मंदिर और सेक्टर-56 स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर समेत शहर के अन्य मंदिरों में जन्माष्टमी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिर परिसरों को फूलों, आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।

सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर विशेष पूजा और अभिषेक का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण को 500 से अधिक प्रकार के व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा।

भगवान के भोग के लिए माखन-मिश्री और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के साथ पिज्जा, पास्ता, केक और कई अन्य व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं। इस विशेष भोग को तैयार करने के लिए मंदिर में बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।

मंदिर से जुड़ी 30 से अधिक महिलाएं भोग तैयार करने की सेवा में लगी हुई हैं। इनमें कई महिलाएं करीब 25 वर्षों से सेवा से जुड़ी हैं। भोग तैयार करते समय महिलाएं हरे कृष्ण महामंत्र का कीर्तन भी कर रही हैं।

जन्माष्टमी पर इस्कॉन मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वृंदावन से 1000 किलोग्राम से अधिक पेड़े मंगाए गए हैं। भगवान को अर्पित करने के बाद यह प्रसाद श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाएगा।

इस्कॉन मंदिर में आयोजित कार्यक्रमों का एक प्रमुख आकर्षण शाम छह बजे होने वाला हरे कृष्ण रॉक शो रहेगा। इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

रॉक शो में कोलकाता, पंजाब, मध्य प्रदेश, केरल और गुजरात के कलाकार शामिल होंगे। धार्मिक संगीत को आधुनिक प्रस्तुति के साथ श्रद्धालुओं के सामने पेश किया जाएगा।

जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए इस्कॉन मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारियां की गई हैं।

मंदिर के आसपास पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन दल और डॉक्टरों की टीम की व्यवस्था भी की गई है।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी तैयार की गई है, ताकि दर्शन और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों को व्यवस्थित तरीके से प्रसाद उपलब्ध कराया जा सके।

इस्कॉन मंदिर के अलावा शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी शुक्रवार को जन्माष्टमी के अवसर पर कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सेक्टर-19 स्थित सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-20 स्थित हनुमान मंदिर, सेक्टर-2 स्थित लाल मंदिर, सेक्टर-121 स्थित जगन्नाथ मंदिर, सेक्टर-34 स्थित हनुमान राम मंदिर-जगन्नाथ मंदिर, सेक्टर-56 स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर और सेक्टर-62 स्थित अय्यप्पा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

इन मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। राधा-कृष्ण की झांकियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

इस बार जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग भी बताया जा रहा है। शास्त्री सतीश भारद्वाज के अनुसार करीब 12 साल बाद जन्माष्टमी पर अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का यह संयोग एक साथ बन रहा है।

उन्होंने बताया कि रोहिणी नक्षत्र तीन सितंबर की रात 12 बजकर 28 मिनट से शुरू होकर चार सितंबर की रात 11 बजकर तीन मिनट तक रहेगा।

वहीं अष्टमी तिथि तीन सितंबर की रात 2 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर चार सितंबर रात 12 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। शास्त्री के मुताबिक करीब 12 वर्षों बाद दोनों शुभ संयोग एक साथ पड़ रहे हैं।

जन्माष्टमी को देखते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों और उनके आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी।

पुलिस की टीमें मंदिरों के प्रवेश और निकास मार्गों के साथ भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखेंगी। मंदिर प्रबंधन भी अपने स्तर पर श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुगम दर्शन के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।

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