Indian Army 2026: सेना ने घोषित किया ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी’ वर्ष, फ्यूचर रेडी फोर्स पर जोर

Indian Army 2026: सेना ने घोषित किया ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी’ वर्ष, फ्यूचर रेडी फोर्स पर जोर

नई दिल्ली में आयोजित चार दिवसीय आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के समापन के साथ भारतीय सेना ने अपने भविष्य के विजन को स्पष्ट करते हुए वर्ष 2026 को ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी’ वर्ष घोषित कर दिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले का उद्देश्य सेना को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम, तेज और आधुनिक बनाना है, ताकि बदलती वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके।

सम्मेलन की अध्यक्षता सेना प्रमुख ने की, जिसमें देश के शीर्ष सुरक्षा और प्रशासनिक नेतृत्व ने हिस्सा लिया। इसमें कैबिनेट सचिव, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, रक्षा सचिव, एनएसएबी के अध्यक्ष और नौसेना प्रमुख सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही। इस दौरान ‘फ्यूचर रेडी फोर्स’ के लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए सेना के आधुनिकीकरण और तकनीकी सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भविष्य के युद्ध और सुरक्षा चुनौतियां पारंपरिक तरीकों से अलग होंगी, जिनमें डेटा, नेटवर्किंग और रियल टाइम सूचना का बड़ा महत्व होगा। ऐसे में सेना को आधुनिक तकनीकों से लैस करना और डिजिटल नेटवर्किंग को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।

सम्मेलन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से मिले अनुभवों का भी विश्लेषण किया गया। अधिकारियों ने माना कि इस ऑपरेशन ने ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की उपयोगिता को स्पष्ट रूप से सामने रखा है। इसी के आधार पर भविष्य में इन तकनीकों के व्यापक और प्रभावी उपयोग की दिशा में रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।

इसके अलावा सेना के प्रशिक्षण तंत्र को और अधिक उन्नत बनाने, नई तकनीकों को शामिल करने और सैनिकों को आधुनिक युद्ध कौशल से लैस करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलते सुरक्षा माहौल में देश के हितों की रक्षा के लिए मजबूत और तकनीकी रूप से सक्षम सैन्य शक्ति अनिवार्य है।

सम्मेलन में नागरिक और सैन्य संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया गया। साथ ही विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय और पूरे देश की भागीदारी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया गया। यह भी माना गया कि समग्र राष्ट्रीय शक्ति के बिना सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना संभव नहीं है।

सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। स्वदेशी उत्पादन को तेज करने और घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी, ताकि विदेशी निर्भरता को कम किया जा सके।

इस तरह आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में लिए गए फैसले यह संकेत देते हैं कि भारतीय सेना आने वाले समय में एक तकनीक-आधारित, नेटवर्क-केंद्रित और पूरी तरह तैयार बल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

Hot this week

Lucknow : ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती- मुख्यमंत्री

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शारदीय...

Lucknow : योगी सरकार नवंबर में लाएगी नई आयुष पॉलिसी-26

Lucknow : योगी सरकार देश के आयुष सेक्टर में...

Topics

Lucknow : ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती- मुख्यमंत्री

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शारदीय...

Lucknow : योगी सरकार नवंबर में लाएगी नई आयुष पॉलिसी-26

Lucknow : योगी सरकार देश के आयुष सेक्टर में...

Ghazibad : शिक्षा की नैया डुबोने वाली पार्टी है सपा- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Ghazibad : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img