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West Bengal Scheme Row: ‘लक्ष्मी भंडार’ की 30 लाख महिलाएं अपात्र? शुभेंदु अधिकारी के दावे से बंगाल की राजनीति गरमाई

West Bengal Scheme Row: ‘लक्ष्मी भंडार’ की 30 लाख महिलाएं अपात्र? शुभेंदु अधिकारी के दावे से बंगाल की राजनीति गरमाई

पश्चिम बंगाल में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का लाभ लेने वाली करीब 30 लाख महिलाएं पात्र नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें कई ऐसी महिलाएं शामिल हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हट चुके हैं या जिन्होंने नागरिकता से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं की है।

कोलकाता के नबान्न सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नई ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना का फॉर्म जारी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अब महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देगी। उन्होंने कहा कि यह योजना भाजपा के चुनावी वादों का हिस्सा थी और इसे जल्द लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को शुरुआती दौर में लगा था कि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के लाभार्थियों की सूची पूरी तरह सत्यापित है, लेकिन बाद में जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं योजना का लाभ ले रही हैं जिनके नाम मतदाता सूची से स्थायी रूप से हटाए जा चुके हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कई लाभार्थियों ने एसआईआर से जुड़े दावों और आपत्तियों के लिए न्यायाधिकरण का रुख नहीं किया, जबकि कुछ ने नागरिकता संशोधन अधिनियम यानी CAA के तहत आवेदन भी नहीं किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यही वजह है कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों की पात्रता पर सवाल उठे हैं।

शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो महिलाएं आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करेंगी और जिनका नाम दोबारा मतदाता सूची में बहाल होगा, वे ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना का लाभ लेने की पात्र होंगी।

उन्होंने बताया कि नई योजना के तहत आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया महिला कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल की निगरानी में पूरी की जाएगी। इसके अलावा मुख्य सचिव और वित्त सचिव भी पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेंगे ताकि केवल पात्र महिलाओं को ही योजना का लाभ मिल सके।

गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये दिए जाते थे। यह योजना बंगाल की महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना की प्रक्रिया पूरी होने तक महिलाओं को पुरानी योजना के तहत मिलने वाली सहायता जारी रहेगी। हालांकि, उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है और भाजपा तथा तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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