
Medical Education India: लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ IHBT का MD कोर्स
नई दिल्ली। देश में इम्यूनो हेमेटोलॉजी एंड ब्लड ट्रांसफ्यूजन विशेषज्ञों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए Lady Hardinge Medical College में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। शुक्रवार को संस्थान में इम्यूनो हेमेटोलॉजी एंड ब्लड ट्रांसफ्यूजन (आईएचबीटी) विषय में एमडी कोर्स का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसे चिकित्सा शिक्षा और रक्ताधान सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस नए कोर्स का उद्घाटन Sunita Sharma ने किया। कार्यक्रम में चिकित्सा निदेशक Sarita Beri और प्रिंसिपल Anju Seth भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी केंद्रीय सरकारी अस्पताल में आईएचबीटी विषय में एमडी कोर्स शुरू किया गया है। यह पाठ्यक्रम University of Delhi के तहत संचालित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विशेषज्ञों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। पहले यह क्षेत्र केवल ब्लड बैंक तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब यह सुरक्षित रक्ताधान, सही ब्लड मैचिंग और गंभीर रक्त रोगों के उपचार का अहम हिस्सा बन चुका है। अस्पतालों में गंभीर मरीजों की जान बचाने में इन विशेषज्ञों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सरिता बेरी ने कहा कि आईएचबीटी विशेषज्ञ आज चिकित्सा व्यवस्था की जीवन रक्षक कड़ी बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि थैलेसीमिया जैसे जटिल रक्त विकारों से लेकर ऑटोइम्यून बीमारियों तक के उपचार में इन विशेषज्ञों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना और मरीजों के लिए सही ब्लड कंपोनेंट्स तैयार करना आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल हो चुका है।
ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग की प्रमुख प्रो. संगीता पाहूजा सिंधवानी ने बताया कि आईएचबीटी विशेषज्ञ मरीजों के लिए सुरक्षित और सही रक्त सुनिश्चित करने का कार्य करते हैं। इसमें रक्त समूह की जांच, क्रॉस-मैचिंग, रक्तदाताओं की स्क्रीनिंग और प्लाज्मा, प्लेटलेट्स तथा पैक्ड आरबीसी जैसे ब्लड कंपोनेंट्स की तैयारी शामिल होती है। उन्होंने कहा कि इन विशेषज्ञों की मदद से जटिल रक्त विकारों की पहचान और इलाज अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि विभाग स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के आयोजन और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। आने वाले समय में इस कोर्स के जरिए अधिक प्रशिक्षित डॉक्टर तैयार होंगे, जिससे देश की रक्ताधान सेवाओं को मजबूती मिलेगी और मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
कार्यक्रम में उप निदेशक प्रशासन डॉ. विनय कुमार ने कहा कि ट्रांसफ्यूजन सेवाएं किसी भी अस्पताल की रीढ़ होती हैं। सुरक्षित और गुणवत्ता-युक्त रक्ताधान सेवाओं के बिना कई महत्वपूर्ण चिकित्सीय प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि आईएचबीटी ऐसा विशेषज्ञता वाला क्षेत्र है जिस पर कई अन्य क्लीनिकल विभाग निर्भर रहते हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि देश में बढ़ती स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए इम्यूनो हेमेटोलॉजी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन के क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाना बेहद जरूरी है। यह नया एमडी कोर्स भविष्य में चिकित्सा शिक्षा और मरीजों की देखभाल दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।





