Hydropower: हिमाचल में 3336 करोड़ रुपये की बिजली परियोजनाओं के कार्यान्वयन समझौते, 278 मेगावाट क्षमता की 19 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

Hydropower: हिमाचल में 3336 करोड़ रुपये की बिजली परियोजनाओं के कार्यान्वयन समझौते, 278 मेगावाट क्षमता की 19 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

शिमला, 22 जून। हिमाचल प्रदेश सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए इस वर्ष करीब 3336 करोड़ रुपये लागत वाली 278 मेगावाट क्षमता की 19 जल विद्युत परियोजनाओं के कार्यान्वयन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से प्रदेश की विद्युत क्षमता बढ़ेगी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

इन परियोजनाओं में 9 मेगावाट की सोयल डाशल, 6 मेगावाट की खौली-2, 9 मेगावाट की ग्रामांग, 10 मेगावाट की उमली, 24 मेगावाट की भरमौर चरण-1, 21 मेगावाट की भरमौर चरण-2, 22.5 मेगावाट की हरसर चरण-2, 19 मेगावाट की हरसर चरण-3, 24 मेगावाट की टुंडह चरण-2, 18 मेगावाट की जंगलिक और 15 मेगावाट की रूपिन चरण-2 परियोजनाएं शामिल हैं।

इसके अलावा 17 मेगावाट की दुनाली-1 एवं 2, 12 मेगावाट की जरी, 18 मेगावाट की तोरल कुंडली, 15 मेगावाट की टुंडन, 10 मेगावाट की कोट डोगरी, 8 मेगावाट की अप्पर कुर्मी, 11 मेगावाट की कलाल खोल और 9.6 मेगावाट की मेलन विद्युत परियोजनाओं के लिए भी समझौते किए गए हैं।

राज्य सरकार ने यह भी समीक्षा की है कि पहले आवंटित 15 विद्युत परियोजनाओं के निर्माणकर्ताओं ने परियोजनाओं के विकास में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद सरकार ने इन परियोजनाओं का आवंटन रद्द कर दिया है। अब इन परियोजनाओं के जल्द कार्यान्वयन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निविदाएं आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों पर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौजूद विद्युत क्षमता का बेहतर उपयोग करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अपनी ऊर्जा नीति में संशोधन किया है। इसके तहत 25 मेगावाट तक की जल विद्युत परियोजनाओं में रॉयल्टी दरों में बदलाव करते हुए 40 वर्षों के लिए एक समान 12 प्रतिशत कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि 150 मेगावाट क्षमता वाली टिडोंग चरण-1 जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा जियो थर्मल विद्युत परियोजनाओं के अन्वेषण और विकास के लिए जियो ट्रॉपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 24,000 मेगावाट विद्युत क्षमता उपलब्ध है। इसमें से राज्य सरकार 12,588 मेगावाट क्षमता की 189 परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा कर चुकी है। वहीं 1,528 मेगावाट क्षमता की 54 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जबकि 7,539 मेगावाट क्षमता की 526 परियोजनाएं स्वीकृति के विभिन्न चरणों में हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बिजली उत्पादन क्षमता के अधिकतम दोहन पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके। सरकार का उद्देश्य इन परियोजनाओं में प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखते हुए विकास को आगे बढ़ाना है।

 

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