उत्तर प्रदेश : श्रीमद्भागवत कथा से मिटते हैं जन्म-जन्मांतर के पाप : आचार्य राजीव कृष्ण भारद्वाज महाराज

Hapur News : बुलंदशहर रोड स्थित श्री मां मनसा देवी मंदिर प्रांगण में 16वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य रूप से हुआ। कथा के प्रथम दिन कथाव्यास आचार्य राजीव कृष्ण भारद्वाज महाराज ने भागवत महात्म्य का सविस्तार वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और मानव जीवन का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि भागवत साक्षात् श्रीकृष्ण का स्वरूप है और इसके अक्षरों में भगवान का वास है, जो कलियुग में मोक्ष का सबसे सरल मार्ग है।
कथा से पूर्व भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कलश यात्रा श्री चंडी मंदिर से प्रारंभ होकर मेरठ गेट पुलिस चौकी, कबाड़ी बाजार, माता मोहल्ला और कोठी गेट होते हुए कथा स्थल श्री मां मनसा देवी मंदिर पर संपन्न हुई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने पीले वस्त्र धारण कर सिर पर मंगल कलश लेकर नंगे पांव सहभागिता की। आगे गणेश जी की प्रतिमा, बैंड-बाजे और भक्त दयानंद प्रजापति की संकीर्तन मंडली द्वारा राधा-कृष्ण एवं माता रानी के भजनों का सुमधुर गायन किया गया, जिस पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते और नृत्य करते नजर आए। कथा व्यास आचार्य राजीव कृष्ण भारद्वाज महाराज बग्गी में विराजमान रहे।
कलश यात्रा के विश्राम के पश्चात दोपहर दो बजे से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ, जिसमें कथाव्यास ने धुंधुकारी का मार्मिक प्रसंग सुनाया। उन्होंने पद्म पुराण में वर्णित भागवत महात्म्य का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार देवर्षि नारद ने वृंदावन के तट पर भक्ति देवी को विलाप करते देखा। कलियुग के प्रभाव से भक्ति के पुत्र ज्ञान और वैराग्य वृद्ध और अचेत हो गए थे। नारद जी के अनेक प्रयासों के बावजूद वे जागृत नहीं हुए, किंतु सनतकुमारों के आदेश से हरिद्वार के आनंद तट पर जब श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ, तो ज्ञान और वैराग्य पुनः युवा हो उठे।
कथाव्यास ने धुंधुकारी और गोकर्ण के प्रसंग के माध्यम से बताया कि एक महापापी जीव भी यदि सच्चे मन से भागवत कथा का श्रवण कर ले, तो वह प्रेत योनि से मुक्त होकर परमधाम को प्राप्त कर सकता है। कथा के दौरान भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा के प्रथम दिन ही मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भजनों और कथा के वातावरण से संपूर्ण परिसर भक्तिमय हो गया। मुख्य यजमान मनोज गोयल एवं अजय सघल ने परिवार सहित भागवत पोथी की आरती उतारी। समिति के सदस्य महेश तोमर ने बताया कि आगामी दिनों में भगवान के विभिन्न अवतारों एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा का सजीव वर्णन किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रबंधक शिवकुमार मित्तल, महेश तोमर, अनुज मित्तल, बिजेंद्र कंसल, खिलेंद्र सैनी, लाला राजकिशोर, पुनीत गोयल, कालीचरण सैनी, सोनू सैनी, अजय गुप्ता, मनोज कंसल, राकेश महेश्वरी, रितु मित्तल, कविता कंसल, दुर्गेश तोमर, हरदेई शर्मा, स्वाति गोयल, महिमा सैनी, निशा तोमर, काजल सैनी, ममता वर्मा, सरिता, प्रेमलता, संतोष, सूर्यकांती सैनी, रूपल सैनी, सरोज तोमर, अनु सैनी, रूबी पालीवाल, नितिन सैनी, अनंत गोस्वामी, सुनील सैनी, पंकज सैनी, मोनू प्रजापति, हनी सैनी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।





