PM-AJAY योजना से अनुसूचित जाति बहुल गांवों में विकास को मिली नई रफ्तार, 47.59 लाख लोगों को मिला लाभ

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PM-AJAY योजना से अनुसूचित जाति बहुल गांवों में विकास को मिली नई रफ्तार, 47.59 लाख लोगों को मिला लाभ

नई दिल्ली। अनुसूचित जाति बहुल गांवों के समग्र विकास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) लगातार प्रभावी साबित हो रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक देशभर में 47.59 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिल चुका है, जबकि 16,759 गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि योजना के माध्यम से शिक्षा, रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं।

मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, योजना के आदर्श ग्राम घटक के तहत अब तक 46,782 विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 24,133 ग्राम विकास योजनाएं तैयार की गई हैं। इन योजनाओं के माध्यम से गांवों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना समाज के कमजोर वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति समुदायों को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना भी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए 750 विद्यार्थियों की क्षमता वाले तीन नए छात्रावासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इनमें दो छात्रावास बालिकाओं के लिए होंगे। इन परियोजनाओं के लिए 22.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा सकेगा।

सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप का भी उपयोग शुरू किया है। इन माध्यमों से परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी, फंड के उपयोग और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इससे योजना के संचालन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ी है।

मंत्रालय का कहना है कि पीएम-एजेएवाई के जरिए अनुसूचित जाति बहुल गांवों में जीवन स्तर सुधारने, सामाजिक असमानताओं को कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में योजना के दायरे का और विस्तार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।