Himachal Pradesh: व्यवस्था परिवर्तन से हो रहा स्वास्थ्य क्षेत्र का कायाकल्प: मुख्यमंत्री सुक्खू

Himachal Pradesh: व्यवस्था परिवर्तन से हो रहा स्वास्थ्य क्षेत्र का कायाकल्प: मुख्यमंत्री सुक्खू

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

इसके तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित सीनियर सिटीजन ओपीडी शुरू की गई है। ये विशेष परामर्श स्लॉट प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में क्रियाशील हो चुके हैं, जिससे बुजुर्गों को लंबी कतारों से राहत मिली है।

विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को सशक्त करने के लिए आईजीएमसी शिमला, मेडिकल कॉलेज टांडा, हमीरपुर, नेरचौक और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशलिटी आयुर्विज्ञान, चमियाणा के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) अधोसंरचना स्थापित करने हेतु प्रत्येक संस्थान को 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा आईजीएमसी और टांडा में एआई-सुविधा से लैस स्मार्ट लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे जांच में प्रतीक्षा अवधि में उल्लेखनीय कमी आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशलिटी आयुर्विज्ञान, चमियाणा में उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र (एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर) स्थापित करने के कदम बढ़ाए गए हैं, ताकि प्रदेश में विश्वस्तरीय बाल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। 21 दिसंबर से प्रदेश में व्यापक पल्स पोलियो अभियान भी सफलतापूर्वक चलाया गया, जिसमें शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर ‘मॉप-अप’ अभियान संचालित किया गया।

श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य संस्थानों की अधोसंरचना में सुधार के साथ-साथ उच्च स्तरीय तकनीक और विशेषज्ञ रोगी देखभाल सुविधा घर-द्वार के निकट उपलब्ध करवाई जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का निवेश सुनिश्चित किया गया है, ताकि मरीजों को उन्नत उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल इंस्टीट्यूट और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो चुकी है और वर्ष 2026 की शुरुआत तक सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार दुर्गम क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रही है। प्रशासन ऐसे सुदृढ़ स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण में कार्य कर रहा है, जिसमें कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है। एआई आधारित जांच प्रणाली और विशेषज्ञ वृद्धावस्था देखभाल इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। यह व्यवस्थित बदलाव हिमाचल प्रदेश को एक आदर्श ‘हेल्थ स्टेट’ के रूप में स्थापित कर रहे हैं, जहां संवेदनशील देखभाल और आधुनिक चिकित्सा तकनीक के माध्यम से मरीजों को उत्कृष्ट उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

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