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Himachal Pradesh: हिमाचल में मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष को बड़ी सहायता! मशोबरा रिजॉर्ट लिमिटेड ने दिए 73.92 लाख रुपये

Himachal Pradesh: A major contribution to the Chief Minister's Happiness Fund in Himachal Pradesh! Mashobra Resort Limited donated ₹73.92 lakh.

Himachal Pradesh: हिमाचल में मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष को बड़ी सहायता! मशोबरा रिजॉर्ट लिमिटेड ने दिए 73.92 लाख रुपये

हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा योगदान सामने आया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने मशोबरा रिजॉर्ट लिमिटेड की ओर से निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व यानी CSR के तहत 73.92 लाख रुपये का चेक भेंट किया। यह योगदान समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष में दिया गया है। मशोबरा रिजॉर्ट लिमिटेड एक सरकारी उपक्रम कंपनी है, जिसे ऐतिहासिक वाइल्डफ्लावर हॉल के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के योगदान से समाज के कमजोर वर्गों तक मदद पहुंचाने में बड़ी सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में सफल कानूनी लड़ाई लड़कर मशोबरा रिजॉर्ट लिमिटेड को मजबूती प्रदान की है, जिसके बाद यह संस्थान अब लाभकारी रूप में सकारात्मक परिणाम दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य की संपत्तियों को संरक्षित कर उन्हें जनता के हित में उपयोग करना है।

करीब 120 साल पुरानी ऐतिहासिक वाइल्डफ्लावर हॉल संपत्ति लंबे समय तक कानूनी विवादों में फंसी रही थी। लगभग तीन दशकों तक चले इस विवाद के बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी विशेषज्ञों की मदद से सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा। मुख्यमंत्री सुक्खू के हस्तक्षेप और प्रयासों के बाद राज्य सरकार को इस मामले में बड़ी सफलता मिली। सर्वोच्च न्यायालय ने 20 फरवरी 2024 को इस संपत्ति का कानूनी अधिकार राज्य सरकार को सौंप दिया था, जबकि 31 मार्च 2025 को इसका भौतिक कब्जा भी सरकार को मिल गया।

सरकार का मानना है कि वाइल्डफ्लावर हॉल जैसी ऐतिहासिक संपत्ति राज्य की धरोहर है और इसका बेहतर संचालन पर्यटन तथा आर्थिक विकास को नई दिशा देगा। मशोबरा रिजॉर्ट लिमिटेड के जरिए इस संपत्ति को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है, जिससे राज्य को आर्थिक लाभ भी मिलने लगा है। इस अवसर पर प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार और मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर भी मौजूद रहे।

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