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Himachal blue revolution: व्यवस्था परिवर्तन से हिमाचल में नीली क्रान्ति की शुरुआत, मछली पालन से किसानों की बढ़ी समृद्धि

Himachal blue revolution: व्यवस्था परिवर्तन से हिमाचल में नीली क्रान्ति की शुरुआत, मछली पालन से किसानों की बढ़ी समृद्धि

देश में ‘फल राज्य’ के रूप में पहचान बना चुके हिमाचल प्रदेश में अब ‘नीली क्रान्ति’ किसानों और मछली पालकों के जीवन में नई खुशहाली ला रही है। वर्तमान राज्य सरकार द्वारा ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के लक्ष्य के साथ किए गए नवाचारों के सकारात्मक परिणाम अब मत्स्य क्षेत्र में साफ नजर आने लगे हैं। मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना मछली पालकों के लिए वरदान साबित हो रही है और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

वर्ष 2024-25 में युवाओं को गांव में ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना ने मछली पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित किया है। राज्य में वर्ष 2022-23 में जहां मछली उत्पादन 17,000 मीट्रिक टन था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर लगभग 19,000 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। गोविंद सागर, पोंग डैम और कोल डैम जैसे प्रमुख जलाशयों में बढ़ता मछली उत्पादन इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक प्रबंधन और जनभागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में ही रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

वर्तमान में मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना बिलासपुर, मंडी, ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, सिरमौर और चंबा जिलों में लागू की जा रही है। योजना के तहत व्यापक भौगोलिक क्षेत्र को शामिल किया गया है, जिससे मत्स्य क्षेत्र में संतुलित और समान विकास सुनिश्चित हो रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का कहना है कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है।

इस योजना के अंतर्गत कार्प मछली पालन के लिए प्रति हेक्टेयर इकाई लागत 12.40 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें सरकार द्वारा 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इससे छोटे और सीमांत मछली पालकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है। योजना में छोटे मछली पालकों के लिए 500 वर्ग मीटर की इकाई पर भी वित्तीय सहायता का प्रावधान रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।

मत्स्य पालन को और सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार आधुनिक ब्रूड बैंक स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। जिला सोलन के नालागढ़ में कार्प मछली ब्रूड बैंक और पतलीकूहल में ट्राउट मछली ब्रूड बैंक स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्रूड बैंक पर लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिससे मछली पालकों को उच्च गुणवत्ता का बीज उपलब्ध हो सकेगा।

वित्त वर्ष 2025-26 में भी इस योजना के तहत पांच हेक्टेयर क्षेत्र में नए मछली तालाबों का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए 50 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार का उद्देश्य गांव-देहात में ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना के माध्यम से राज्य में मत्स्य क्रान्ति का मार्ग प्रशस्त हो रहा है, जिससे मछली पालन से जुड़े 20,000 से अधिक परिवारों का भविष्य उज्ज्वल बन रहा है।

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