Himachal Apple Import Ban: पीक सीजन में सेब आयात पर रोक की मांग, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से की मुलाकात

Himachal Apple Import Ban: पीक सीजन में सेब आयात पर रोक की मांग, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से की मुलाकात
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार शाम नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर प्रदेश के सेब बागवानों के हितों से जुड़े अहम मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने सेब उत्पादन के पीक सीजन जुलाई से नवंबर के दौरान सेब आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का पुरजोर आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने विदेशी सेब के बढ़ते आयात से स्थानीय बागवानों को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए सेब पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की मांग भी रखी।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सेब का बेहद महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश में करीब ढाई लाख किसान सीधे तौर पर सेब उत्पादन से जुड़े हुए हैं और राज्य के कुल फल उत्पादन में सेब की हिस्सेदारी लगभग 80 प्रतिशत है। सेब उत्पादन से प्रदेश को सालाना लगभग 4500 करोड़ रुपये की आय होती है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका चलती है। ऐसे में पीक सीजन के दौरान विदेशी सेब के आयात से स्थानीय किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि हाल ही में प्रदेश के बागवानों ने उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याएं साझा की थीं। बागवानों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी रखा है और बागवानों के हित में शीघ्र उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले दस वर्षों में सेब आयात में लगभग ढाई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। मुक्त व्यापार समझौतों के चलते आने वाले समय में इसमें और इजाफा होने की आशंका है, जिसका सीधा असर हिमाचल के बागवानों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड से सेब आयात सबसे अधिक अप्रैल से अगस्त के बीच होता है और इस अवधि में आयात शुल्क मात्र 25 प्रतिशत निर्धारित है, जबकि अन्य महीनों में यह शुल्क 50 प्रतिशत रहता है। कम आयात शुल्क के कारण विदेशी सेब सस्ते दामों पर बाजार में पहुंच जाते हैं, जिससे स्थानीय सेब की कीमतों पर दबाव बनता है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों का असर केवल सेब सीजन तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे कोल्ड स्टोरेज में रखे सेबों की कीमतों और ऑफ-सीजन कारोबार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश के बागवानों के हितों की रक्षा के लिए समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभाग सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर भी उपस्थित रहे।
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