हिमाचल प्रदेश

Himachal: प्रदेश में शुद्ध पेयजल के लिए 2000 करोड़ खर्च, बंगाणा में DSP ऑफिस और सब-जज कोर्ट की घोषणा

Himachal: प्रदेश में शुद्ध पेयजल के लिए 2000 करोड़ खर्च, बंगाणा में DSP ऑफिस और सब-जज कोर्ट की घोषणा

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने 14.92 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली तुरकाल पंगा पेयजल योजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना से बुधान, चमयाड़ी, धुंगले, लठियाणी और तनोह पंचायतों के करीब 10 हजार से अधिक लोगों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही सामर्थ्य ज्ञानदीप पुस्तकालय और सामर्थ्य व्यायामशाला की भी आधारशिला रखी।

एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बंगाणा में डीएसपी कार्यालय और सब-जज कोर्ट खोलने की घोषणा की। इसके अलावा रैनसरी और लठियाणी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) खोलने का भी ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित महिला मंडलों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अगले वित्त वर्ष से आधुनिक तकनीक के जरिए पानी को शुद्ध करने के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कुटलैहड़ के विधायक Vivek Sharma की सराहना करते हुए कहा कि वह अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को लेकर लगातार सचिवालय आते हैं और उनके समाधान के लिए प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि 32 वर्षों बाद कुटलैहड़ से कांग्रेस का विधायक बना है और विवेक शर्मा अपने क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित भाव से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों ने कांग्रेस के टिकट पर जीतने के बाद भी पार्टी के साथ विश्वासघात किया, लेकिन ईमानदारी हमेशा जीतती है।

मुख्यमंत्री ने पंजाब के वित्त मंत्री के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति पंजाब से बेहतर है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिला है। इसके विपरीत हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ देने का निर्णय लिया था।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान राज्य सरकार ने पूरी जिम्मेदारी के साथ राहत कार्य किए। लगभग 23 हजार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और करीब 75 हजार फंसे पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य सरकार ने किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए मिलने वाली सहायता राशि डेढ़ लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता के पैसे का दुरुपयोग किया गया और करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत से ऐसे भवन बनाए गए जो आज भी खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवाओं को रोजगार के अवसर देने के बजाय उन्हें चार साल के लिए अग्निवीर बनाकर सीमित कर दिया गया है।

इस मौके पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri ने भी संबोधित करते हुए कहा कि ऊना जिले के हर क्षेत्र तक पेयजल पहुंचाने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि माता चिंतपूर्णी मंदिर और आसपास की पंचायतों तक पानी पहुंचाने के लिए भी कई योजनाएं लागू की गई हैं और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने का काम जारी है।

उपमुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब पर कर्ज बढ़कर लगभग 4.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीबीएमबी को हिमाचल प्रदेश को 4500 करोड़ रुपये देने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अब तक यह राशि नहीं दी गई है।

कार्यक्रम में कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं और पेयजल योजनाओं में तेजी से सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि थाना-कलां अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाया गया है और वहां 10 डॉक्टरों की तैनाती की गई है, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।

कार्यक्रम में विधायक Rakesh Kalia, Satpal Raizada सहित कई जनप्रतिनिधि, कांग्रेस नेता, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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