Heatwave Alert India: भीषण गर्मी पर केंद्र सख्त, हर अस्पताल में हीट स्ट्रोक यूनिट अनिवार्य

Heatwave Alert India: भीषण गर्मी पर केंद्र सख्त, हर अस्पताल में हीट स्ट्रोक यूनिट अनिवार्य

देशभर में तेजी से बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इस बार गर्मी सामान्य नहीं रहने वाली, इसलिए तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। सरकार ने विशेष रूप से स्वास्थ्य व्यवस्था को अलर्ट मोड पर रखने और जमीनी स्तर पर प्रभावी इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा है।

India Meteorological Department के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल से जून 2026 के बीच देश में सामान्य से अधिक हीटवेव दिनों की आशंका जताई गई है। पूर्व, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप के कई हिस्से इसकी चपेट में आ सकते हैं। खास तौर पर Odisha, West Bengal, Tamil Nadu, Puducherry और Andhra Pradesh के तटीय क्षेत्रों के अलावा Gujarat, Maharashtra और Karnataka के कुछ हिस्सों में भी लू का असर देखने को मिल सकता है।

केंद्र सरकार ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में ‘हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट’ अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवाओं को मजबूत करने, समय पर अलर्ट जारी करने और हीट स्ट्रोक के मामलों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।

सरकार ने इस बार ‘जीरो टॉलरेंस’ रणनीति अपनाते हुए साफ किया है कि गर्मी से होने वाली मौतों को किसी भी कीमत पर रोका जाना चाहिए। इसके लिए राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से तैयारियों की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि हर निर्देश का पालन जमीनी स्तर पर हो।

इस बार केंद्र का फोकस केवल इलाज पर नहीं, बल्कि रोकथाम पर भी है। पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी के तहत लोगों को गर्मी से बचने के उपाय, पर्याप्त पानी पीने की आदत और लू के शुरुआती लक्षणों की पहचान के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते जागरूकता और सही कदम उठाने से कई जानें बचाई जा सकती हैं।

केंद्र सरकार का संदेश साफ है कि अगर समय पर ठोस तैयारी नहीं की गई तो हालात गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में राज्यों के लिए यह एक बड़ी परीक्षा है, जहां प्रभावी प्रबंधन ही जनहानि को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा।

Delhi Mini Secretariat Scheme: हर जिले में बनेगा मिनी सचिवालय, एक छत के नीचे मिलेंगी सभी सरकारी सेवाएं

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img