राज्यहरियाणा

Haryana Governance: लक्ष्य तय करना ही नहीं, समय पर पूरा करना और समीक्षा भी जरूरी—सीएम नायब सिंह सैनी

Haryana Governance: लक्ष्य तय करना ही नहीं, समय पर पूरा करना और समीक्षा भी जरूरी—सीएम नायब सिंह सैनी

रिपोर्ट : कोमल रमोला

चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार ने विकास योजनाओं को लेकर बड़ा रोडमैप तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने स्पष्ट कहा कि केवल लक्ष्य निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें तय समयसीमा में पूरा करना और उनकी नियमित समीक्षा करना भी उतना ही जरूरी है, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री सचिवालय में स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान से संबंधित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें विभिन्न विभागों के 5-वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप की समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे वर्ष 2030 तक के अपने लक्ष्यों को साल-दर-साल स्पष्ट टाइमलाइन के साथ तय करें।

बैठक के दौरान “विजन टू एक्शन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” प्लानिंग टूल का भी लॉन्च किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह टूल विभागों को अपने लक्ष्यों को बेहतर तरीके से तय करने और उनकी प्रगति की एक समान रिपोर्ट तैयार करने में मदद करेगा, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पांच साल बेहद महत्वपूर्ण हैं और यदि योजनाओं को सही ढंग से लागू किया गया, तो हरियाणा ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में अहम योगदान देगा। उन्होंने NITI Aayog के साथ तालमेल बढ़ाने और सुधारों को तेजी से लागू करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समय सीमित है और लक्ष्य बड़े हैं, इसलिए सभी विभाग मजबूत रणनीति के साथ काम करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर कितना असर हो रहा है, इसकी लगातार निगरानी की जाए।

एक्शन प्लान को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों की प्राथमिकताएं स्पष्ट और मापने योग्य हों, ताकि उनकी नियमित समीक्षा संभव हो सके। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, जवाबदेही तय करने और मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया।

शिक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को विजन 2047 के लक्ष्य के अनुरूप नई शिक्षा नीति के तहत काम करना होगा। उन्होंने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, विश्वविद्यालयों की ग्रेडिंग सुधारने और बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को आर्थिक सहायता देने की बात कही। साथ ही 2047 तक सकल नामांकन अनुपात 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जो वर्तमान में करीब 31 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में हर जिले में आधुनिक कॉलेज स्थापित किए जाएंगे और वर्ष 2028 तक इनके कैंपस तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा छात्रों की कौशल क्षमता बढ़ाने के लिए 50 प्रतिशत कौशल आधारित कोर्स शुरू करने की योजना है।

तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में चार नए पॉलिटेक्निक संस्थान खोले जाएंगे और महिलाओं की तकनीकी भागीदारी को 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 33 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

उद्योग क्षेत्र को लेकर सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2030 तक 5 हजार से अधिक नए स्टार्टअप पंजीकरण और करीब 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 लागू किया जाएगा, जिससे उद्योगों को तेज और सरल सेवाएं मिल सकेंगी।

सरकार क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास, ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स सुधार और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए 100 स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग मिलकर नई सोच के साथ काम करें और प्रदेश की प्रगति को तेज करने के लिए समयबद्ध तरीके से योजनाओं को लागू करें।

Related Articles

Back to top button