Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Mathura : अयोध्या की तर्ज पर मथुरा में भी जगमगाई श्रीकृष्ण जन्मभूमि, भव्य दीपोत्सव से अलौकिक हुआ बृजधामChandigarh : भाजपा अकेले चुनाव लड़े या सहयोगियों के साथ; ‘आप’ अपने विकास के रिकॉर्ड पर चुनाव लड़ेगी- बलतेज पन्नूChandigarh : पंजाब सरकार ने 6,507 कंप्यूटर शिक्षकों के महंगाई भत्ते में 40 प्रतिशत वृद्धि करके कर्मचारियों को दिया दिवाली का तोहफा- मुख्यमंत्रीMathura : मंदिर आते-आते बहुत देर कर दी, अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर श्रीकांत शर्मा का तीखा हमलाHapur News : हापुड़ में कनाडा से गिफ्ट भेजने के बहाने महिला से हुई बड़ी साइबर ठगी, 14 लाख से अधिक रकम हड़पीNoida Share Trading Fraud: शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर बुजुर्ग से 20.26 लाख की ठगी, 23.44 लाख और मांगेJewar Farmers Protest: 100 दिन से धरने पर किसान, बोले- मांगें पूरी होने तक नहीं हटेंगे, धरनास्थल पर ही मनाएंगे दिवालीGhanghola Road Accident: कार की टक्कर से बाइक सवार दो युवक गंभीर घायल, एक तीन दिन से आईसीयू में

Delhi Pollution: दिल्ली की हवा में सुधार की रफ्तार धीमी, प्रदूषण का ज़हर अभी भी घुला: डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की अपील की

Delhi Pollution: दिल्ली की हवा में सुधार की रफ्तार धीमी, प्रदूषण का ज़हर अभी भी घुला: डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की अपील की

नई दिल्ली, 8 दिसम्बर। राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से हवा चलने और मौसम में बदलाव के कारण वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत सिर्फ सतही है। हवा में मौजूद सूक्ष्म जहरीले कण अभी भी लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के मामले कम जरूर हुए हैं पर खतरा पूरी तरह टला नहीं है।

आरएमएल अस्पताल के ‘विशेष प्रदूषण क्लीनिक’ में कमी दर्ज
दिल्ली के प्रमुख सरकारी अस्पताल आरएमएल (राम मनोहर लोहिया) में प्रदूषण से जुड़े गंभीर मरीजों की संख्या में इन दिनों कमी देखी गई है। अस्पताल के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पुलिन गुप्ता के अनुसार, पहले की तुलना में विशेष प्रदूषण क्लीनिक में आने वाले मरीजों की संख्या कम हुई है, लेकिन यह मान लेना गलत होगा कि प्रदूषण का खतरा खत्म हो चुका है। उन्होंने बताया कि रोजाना मेडिसिन ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज आते हैं और यदि किसी मरीज में प्रदूषण से जुड़े विशेष लक्षण दिखाई देते हैं—जैसे स्किन एलर्जी, आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी या लगातार सिरदर्द—तो ही उन्हें प्रदूषण क्लीनिक भेजा जाता है।

उन्होंने कहा, “हम किसी भी मरीज को जबरदस्ती प्रदूषण क्लीनिक नहीं बुला सकते। जब लोगों को गंभीर लक्षण महसूस होते हैं, तभी वे यहां आते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि खतरा खत्म हो गया है, बल्कि अभी भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।”

PM 2.5 के स्तर में गिरावट, मगर लंबी अवधि का खतरा कायम
वायु गुणवत्ता में सुधार के बावजूद हवा में मौजूद PM 2.5 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कण शरीर में गहराई तक जाकर नुकसान पहुंचा सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार इनका प्रभाव अक्सर देर से दिखाई देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग सामान्य एलर्जी या हल्की सांस की दिक्कत को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह प्रदूषण के कारण होने वाली प्रारंभिक चेतावनी हो सकती है।

एक डॉक्टर ने कहा, “अगर बिना कारण आंखों में जलन, सांस फूलना या त्वचा संबंधी समस्या जैसी दिक्कतें हों, तो इसे मामूली समझकर न छोड़ें। प्रदूषण क्लीनिक आने का मतलब सिर्फ इलाज लेना नहीं है बल्कि सही सलाह और बचाव उपायों की जानकारी प्राप्त करना भी है।”

डॉक्टरों की सलाह: सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
डॉ. पुलिन गुप्ता ने चेतावनी दी कि जैसे ही ठंड बढ़ेगी, प्रदूषण का स्तर दोबारा तेजी से ऊपर जा सकता है, क्योंकि तापमान गिरने से धुआं और धूल वायुमंडल में रुक जाती है। उन्होंने कहा कि लोगों को अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है और स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय गंभीरता से लेने चाहिए।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा—
• बाहर निकलते समय उच्च गुणवत्ता का मास्क अवश्य पहनें
• सुबह और शाम के समय खुले में व्यायाम करने से बचें
• असुविधा महसूस होने पर तुरंत स्वास्थ्य जांच करवाएं
• बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

“दिल्ली की हवा फिलहाल शांत है, लेकिन बीमारी का खतरा अभी भी हवा में तैर रहा है,” उन्होंने कहा।

Realme GT 6 भारत में लॉन्च होने की पुष्टि। अपेक्षित स्पेक्स, फीचर्स, और भी बहुत कुछ

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें