Hapur News : सरकारी स्कूलों में पठन पाठन, मध्याह्न भोजन और अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही पर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपा भाटी के औचक निरीक्षण के बाद सोमवार को तीन प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।
उच्च प्राथमिक विद्यालय छिजारसी में निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन पंजिका अधूरी मिली। छात्रों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन में दर्ज संख्या में अंतर पाया गया। विद्यालय में समय सारणी चस्पा नहीं थी, शौचालयों पर ताले लगे थे और हैंडवाश की टोंटियां गायब मिलीं। पहले जारी कारण बताओ नोटिस का समय पर जवाब और साक्ष्य प्रस्तुत न करने को भी गंभीरता से लिया गया।
लाखन कंपोजिट विद्यालय में बिना पूर्व स्वीकृति के चार शिक्षकों की छुट्टी स्वीकृत की गई थी। मध्याह्न भोजन पंजिका पिछले दो महीने से अधूरी थी। परिसर में खुला नाला बह रहा था और जर्जर भवन का उपयोग किया जा रहा था। 210 विद्यार्थियों के लिए केवल एक शौचालय चालू मिला जिसकी स्थिति बेहद खराब थी। कंपोजिट ग्रांट के खर्च का हिसाब और जियो टैग फोटो भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
प्राथमिक विद्यालय वैठ में निरीक्षण के दौरान बच्चों को मध्याह्न भोजन वितरित नहीं किया गया था। पंजिका में केवल एक छात्र दर्ज था। कई महीनों से शिक्षकों की डायरी अधूरी थी और निपुण तालिका भी चस्पा नहीं थी। बच्चों को भोजन से वंचित रखने और शिक्षण कार्य में लापरवाही के आरोप में प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया।


