H1N1 Vaccine Demand: फ्लू वैक्सीन और टेस्टिंग की मांग में तीन गुना उछाल, कई शहरों में सप्लाई पर बढ़ा दबाव
नई दिल्ली। देश में एच1एन1 समेत मौसमी फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच फ्लू वैक्सीन और जांच की मांग में तेजी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले फ्लू वैक्सीन की मांग करीब तीन गुना तक पहुंच गई है, जबकि जुलाई से वैक्सीन की बिक्री में दो गुने से अधिक का उछाल देखने को मिला है। बढ़ती मांग के कारण कई शहरों में वैक्सीन की उपलब्धता और सप्लाई पर भी दबाव बढ़ने लगा है।
फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच लोगों का रुझान अब घर बैठे वैक्सीनेशन और जांच की तरफ भी बढ़ रहा है। डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोग फ्लू वैक्सीनेशन के साथ रैपिड टेस्ट की बुकिंग करा रहे हैं। इससे अस्पताल या क्लीनिक जाए बिना घर पर ही प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के जरिए वैक्सीनेशन की सुविधा मिल रही है।
Tata 1mg, Apollo HomeCare और PharmEasy जैसे डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म घर पर फ्लू वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। इसके तहत प्रशिक्षित नर्स लोगों के घर पहुंचकर वैक्सीन लगा रही हैं। सुविधा और संक्रमण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण होम वैक्सीनेशन का चलन बढ़ रहा है।
टाटा 1एमजी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक वैक्सीन की मांग में आए तेज उछाल के पीछे 2026-27 के लिए अपडेटेड फ्लू वैक्सीन भी एक महत्वपूर्ण कारण है। इसे बदलते इन्फ्लुएंजा स्ट्रेन को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों के आधार पर अपडेट किया गया है।
एक तरफ वैक्सीन की मांग बढ़ी है तो दूसरी ओर फ्लू की सही पहचान के लिए जांच कराने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। रैपिड मॉलिक्यूलर टेस्ट की मांग में तेजी दर्ज की गई है। इन्फ्लुएंजा ए, बी और एच3 जैसे सबटाइप की जांच के ऑर्डर लगातार बढ़ रहे हैं।
फ्लू वैक्सीन और टेस्टिंग की बढ़ती मांग अब केवल दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों तक सीमित नहीं है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी वैक्सीनेशन और फ्लू टेस्टिंग को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। डिजिटल हेल्थ सेवाओं की पहुंच बढ़ने से छोटे शहरों में भी घर पर स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
मांग में अचानक आई तेजी का असर वैक्सीन की सप्लाई पर भी पड़ने लगा है। कई शहरों में उपलब्धता पर दबाव बढ़ने की बात सामने आई है। ऐसे में वैक्सीन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए सप्लाई व्यवस्था को बनाए रखना स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार एच1एन1, डेंगू, टाइफाइड और सामान्य मौसमी फ्लू के शुरुआती लक्षण कई बार एक-दूसरे से मिलते-जुलते हो सकते हैं। केवल शुरुआती लक्षणों के आधार पर बीमारी की सही पहचान करना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह के आधार पर समय पर जांच बीमारी की पहचान और उचित उपचार तय करने में मदद कर सकती है।
बढ़ते फ्लू मामलों के बीच वैक्सीनेशन और टेस्टिंग को लेकर बढ़ी जागरूकता स्वास्थ्य सेवाओं में बदलते रुझान को भी दिखा रही है। अस्पताल और क्लीनिक आधारित सेवाओं के साथ अब घर बैठे वैक्सीनेशन और डायग्नोस्टिक टेस्ट की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।


