Greater Noida West: Greater Noida वेस्ट की सोसाइटियों को मिलेगा पर्याप्त गंगाजल
Greater Noida West: Greater Noida वेस्ट की सोसाइटियों को मिलेगा पर्याप्त गंगाजल
ग्रेटर नोएडा वेस्ट का पहला मास्टर भूमिगत जलाशय (यूजीआर) इस महीने के अंत तक चालू होने जा रहा है। इसकी भंडारण क्षमता 360 लाख लीटर होगी। प्राधिकरण का कहना है कि इसके शुरू होने के बाद आसपास की सोसाइटियों में गंगाजल की नियमित और बेहतर आपूर्ति संभव हो सकेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, चार मूर्ति चौक तक गंगाजल पहुंचाया जा चुका है। मास्टर यूजीआर शुरू होते ही आसपास के आवासीय क्षेत्रों में सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। पाइपलाइन परीक्षण का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है।
कई सेक्टरों को मिलेगा फायदा
यह मास्टर यूजीआर सेक्टर-2, सेक्टर-3 और टेकजोन में निर्माणाधीन यूजीआर से जोड़ा जाएगा। इन तीनों जलाशयों को भी अगले 3 से 4 महीनों में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
अभी तक ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट में मुख्य रूप से भूजल की सप्लाई की जा रही थी, जबकि गंगाजल सीमित मात्रा में दिया जा रहा था। भूमिगत जलाशय न होने और पुरानी पाइपलाइन में लीकेज की वजह से सप्लाई बार-बार प्रभावित होती रही है।
85 क्यूसेक गंगाजल परियोजना पर तेजी
प्राधिकरण 85 क्यूसेक गंगाजल परियोजना के तहत पूरे ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मजबूत पेयजल नेटवर्क तैयार कर रहा है। इसके तहत अलग-अलग सेक्टरों में 20 से अधिक यूजीआर बनाए जा चुके हैं।
फिलहाल:
लगभग 280 एमएलडी पेयजल की सप्लाई हो रही है।
इसमें 207 एमएलडी भूजल और 70-80 एमएलडी गंगाजल शामिल है।
करीब 10 से 12 लाख आबादी को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
318 नलकूपों का उपयोग किया जा रहा है।
भंडारण क्षमता और बढ़ेगी
प्राधिकरण भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यूजीआर की संख्या 20 से बढ़ाकर 39 करने की योजना पर काम कर रहा है। इससे गंगाजल के भंडारण और वितरण क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
ग्रेटर नोएडा ईस्ट में करीब 976 किलोमीटर और वेस्ट में लगभग 600 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
Ravi Kumar NG ने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पेयजल नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है ताकि भविष्य में जल संकट की स्थिति न बने।
