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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में जलभराव की समस्या दूर करने की तैयारी तेज, आधुनिक तकनीक से समाधान

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में जलभराव की समस्या दूर करने की तैयारी तेज, आधुनिक तकनीक से समाधान

नोएडा। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में वर्षा और जल निकासी की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। प्राधिकरण ने क्षेत्र के जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर उनका स्थायी समाधान निकालने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए एक विशेषज्ञ सलाहकार एजेंसी का चयन जल्द ही किया जाएगा। बताया जा रहा है कि बेंगलुरू में काम कर चुकी कंपनी इस सप्ताह प्राधिकरण के अधिकारियों के समक्ष अपना विस्तृत प्रस्तुतिकरण देगी। चयनित एजेंसी न केवल जलभराव के कारणों का अध्ययन करेगी बल्कि समस्या के समाधान के लिए विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार करेगी, जिससे जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

प्राधिकरण ने कहा है कि नाली निर्माण के साथ-साथ आधुनिक तकनीक जैसे एआई (Artificial Intelligence), सेंसर और वास्तविक समय निगरानी प्रणाली का उपयोग भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी पानी जमा न हो। नोएडा के सेक्टर-105 में पानी से भरे गड्ढे में गिरकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की प्रक्रिया और तेज कर दी गई है। यह केवल निर्माणाधीन साइट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे ग्रेटर नोएडा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यह कवायद जारी रहेगी।

पूर्व में किए गए सर्वेक्षण में ग्रेटर नोएडा में 20 से अधिक जलभराव वाले प्रमुख स्थान चिन्हित किए गए थे। इनमें से कुछ स्थानों पर नालियों का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। बारिश के दौरान और आम दिनों में भी प्राधिकरण क्षेत्र में स्थित गांवों में नाली और तालाब ओवरफ्लो हो जाता है, जिससे सड़कों पर पानी जमा होने की समस्या पैदा होती है और नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

जलभराव वाले प्रमुख स्थानों में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में शाहबेरी क्रॉसिंग रिपब्लिक वाले रास्ते, ग्राम बादलपुर, छपरौला, सैनी से वैदपुरा जाने वाले मार्ग, एनएम पब्लिक स्कूल के समीप, हिंडन नदी पुल से कुलेसरा हल्दौनी मोड़, डीएससी रोड पर ग्राम तिलपता में साकीपुर मोड़, डीएससी रोड पर ग्राम सूरजपुर के पेट्रोल पंप के पास, नॉलेज पार्क-2 अंडरपास, जगत फार्म मार्केट एंट्री गेट, सेक्टर डेल्टा-2 एस्टर पब्लिक स्कूल के सामने, ग्राम घोड़ी बछेड़ा बड़े तालाब के पास, ग्राम बोड़ाकी दतावली मोड़ प्राइमरी स्कूल, 130 मीटर चौड़ी सड़क तिलपता अंडरपास, कासना-घरबरा मार्ग गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के पास, ग्राम खेरली, हाफिजपुर, अमरपुर, मंडीश्यामनगर, रोजा जलालपुर और मिलक लच्छी शामिल हैं। इन स्थानों पर वर्षा और जल निकासी की कमी की वजह से जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना, एके सिंह ने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए योजना तैयार की गई है और काम पहले ही शुरू कर दिया गया है। चयनित सलाहकार एजेंसी की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर सभी जरूरी कार्य कराए जाएंगे। उनका लक्ष्य है कि पूरे क्षेत्र में कहीं भी जलभराव की समस्या न हो और नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित हो।

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