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Plastic Waste: ग्रेटर नोएडा की 40 सोसायटियों में लगेंगे विशेष प्लास्टिक बिन, बना प्लान

Plastic Waste: ग्रेटर नोएडा की 40 सोसायटियों में लगेंगे विशेष प्लास्टिक बिन, बना प्लान

नोएडा। ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ और पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की दिशा में नई पहल शुरू की है। प्राधिकरण ने आईपीसीए और किया इंडिया के सहयोग से शहर की 40 सोसायटियों में विशेष प्लास्टिक बिन लगाने की योजना तैयार की है।

ये सभी सोसायटियां बल्क वेस्ट जेनरेटर की श्रेणी में आती हैं। यहां से निकलने वाले प्लास्टिक और पॉलिथीन को अलग से एकत्र करने के लिए डेवलप रिस्पॉन्सिबल आउटलुक फॉर प्लास्टिक (D.R.O.P.) योजना के तहत निशुल्क विशेष डस्टबिन लगाए जाएंगे।

रोजाना प्लास्टिक कचरे की होगी ढुलाई

पहले चरण में 40 चयनित सोसायटियों में प्लास्टिक बिन लगाए जाएंगे। इन डस्टबिन में जमा होने वाले प्लास्टिक कचरे को उठाने के लिए एक विशेष वाहन भी लगाया गया है। वाहन के जरिए रोजाना कचरे को प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाया जाएगा, जहां इसका वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाएगा।

योजना के शुभारंभ के मौके पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया गया। इसमें प्लास्टिक और पॉलिथीन के अधिक इस्तेमाल से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।

ऑडिटोरियम के बाहर प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल कर तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। लोगों को प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई।

गीले और सूखे कचरे को अलग करने की अपील

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने कहा कि विशेष प्लास्टिक बिन उन्हीं सोसायटियों में लगाए जाएंगे, जहां गीले और सूखे कचरे का पहले से सेग्रीगेशन किया जा रहा है।

सहायक प्रबंधक गौरव बघेल ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने के लिए बल्क वेस्ट जेनरेटरों को कचरे का सही तरीके से सेग्रीगेशन और प्रोसेसिंग सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने सोसायटियों के निवासियों से कम से कम दो डस्टबिन रखने और गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग डालने की अपील की।

प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने पर जोर

आईपीसीए के सचिव अजय गर्ग और उपनिदेशक डॉ. राधा गोयल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्लास्टिक के पुन: उपयोग को बढ़ावा देना और शहर में व्यवस्थित कचरा प्रबंधन लागू करना है। इसके साथ ही लोगों को प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जाएगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने भी शहरवासियों से कूड़ा निर्धारित डस्टबिन में डालने और गीले-सूखे कचरे को अलग रखने की अपील की। प्राधिकरण का लक्ष्य इस पहल के जरिए प्लास्टिक कचरे को नियंत्रित करने के साथ शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना है।

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