Greater Noida Sanitation Strike: वेतन वृद्धि नहीं हुई तो आज से नहीं उठेगा शहर का कूड़ा, सफाई कर्मचारियों का ऐलान
नोएडा। ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो शुक्रवार से शहर में कूड़ा उठाने का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इससे लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सफाई कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार दूसरे दिन भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य गेट के सामने जारी रहा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मौके पर पुलिस बल के साथ प्राधिकरण की सुरक्षा में तैनात पूर्व सैनिकों को भी लगाया गया। एहतियात के तौर पर मुख्य गेट से आवाजाही भी पहले ही बंद कर दी गई थी।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि यदि शुक्रवार सुबह तक प्राधिकरण की ओर से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे शहर में कूड़ा उठाने का कार्य बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय सभी कर्मचारी संगठनों की संयुक्त सहमति से लिया गया है और आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती।
यह आंदोलन सफाई कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा के बैनर तले चल रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि हाल ही में जिले में हुए श्रमिक आंदोलन के बाद प्राधिकरण ने अपने नियमित कर्मचारियों का वेतन बढ़ा दिया, लेकिन ठेकेदारी व्यवस्था में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं दिया गया।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष महेश ने बताया कि अप्रैल में उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की थी, लेकिन सफाई कर्मचारियों को अब तक इसका लाभ नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से समान कार्य करने के बावजूद ठेका कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
आंदोलन में उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ, सफाई कर्मचारी मजदूर यूनियन और भारतीय मजदूर परिषद सहित कई कर्मचारी संगठन शामिल हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, नियमितीकरण, कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना तथा ठेका प्रथा समाप्त करना शामिल है।
कर्मचारियों ने कहा है कि यदि आंदोलन जारी रहता है तो किसी भी सफाई कर्मचारी को शहर में कूड़ा उठाने का कार्य नहीं करने दिया जाएगा। इससे ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विभिन्न सेक्टरों और कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि ग्रेटर नोएडा में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को पहले से ही नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों की तुलना में अधिक वेतन दिया जा रहा है। हालांकि कर्मचारी इस दावे से सहमत नहीं हैं और अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकलता है तो आने वाले दिनों में शहर में कूड़े का उठान रुक सकता है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था और आम लोगों की दैनिक जिंदगी पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।


