Greater Noida Development Projects: ग्रेटर नोएडा में 25 विकास परियोजनाओं को हरी झंडी, सड़क-नाली से स्ट्रीट लाइट और ग्रीन बेल्ट तक होंगे काम; 18 सितंबर तक मांगे आवेदन
नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर के विकास, रखरखाव और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़ी 25 छोटी-बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं के तहत सड़कों की रिसर्फेसिंग, नालियों की सफाई और निर्माण, स्ट्रीट लाइट, विद्युतीकरण, ओपन जिम, बच्चों के लिए उपकरण, ग्रीन बेल्ट और पार्कों के रखरखाव समेत कई काम कराए जाएंगे। प्राधिकरण ने निर्माण कार्य करने की इच्छुक एजेंसियों से 18 सितंबर तक आवेदन मांगे हैं। 21 सितंबर को प्री-क्वालिफिकेशन बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कार्यों का वितरण कर निर्माण और रखरखाव का काम शुरू कराया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार का कहना है कि शहर के विकास को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत विभिन्न विभागों से जुड़ी विकास और अनुरक्षण परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्राधिकरण के मुताबिक सेक्टर-3 में बाउंड्रीवाल के निर्माण और मरम्मत पर करीब 80.61 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सेक्टर पी-3 में ओपन जिम, बच्चों के लिए खेल उपकरण और हट यानी झोपड़ी बनाने पर करीब 94.76 लाख रुपये खर्च करने की योजना है।
सेक्टर पी-3 के बिल्डर्स एरिया में 24 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों तरफ ग्रास पेवर ब्लॉक लगाने पर 1.05 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इससे सड़क के किनारे के हिस्सों को व्यवस्थित करने की योजना है।
सेक्टर-1 और केपी-5 में 80 मीटर सड़क तथा सेक्टर-1 की ग्रीन बेल्ट में प्री-स्ट्रेस्ड आरसीसी नाली से जुड़े कार्यों के लिए 1.57 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है।
सेक्टर ईकोटेक-6 में 60 मीटर चौड़ी सड़क पर आरसीसी ड्रेन को कवर करने के कार्य पर करीब 1.68 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सेक्टर-3 की आंतरिक सड़कों की रिसर्फेसिंग पर लगभग 1.89 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।
दनकौर-सिकंदराबाद रोड से ग्राम दनकौर की ओर जाने वाले मार्ग की रिसर्फेसिंग पर करीब 1.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में आरसीसी प्रीकास्ट बाउंड्रीवाल के निर्माण के लिए लगभग 1.41 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्राधिकरण ने वार्षिक अनुरक्षण से जुड़े तीन महत्वपूर्ण कार्यों को भी प्राथमिकता दी है। सूरजपुर-कासना रोड पर एलजी गोलचक्कर से सेक्टर स्वर्ण नगरी तक अगले तीन वर्षों के लिए नाली की सफाई, पटरी की मरम्मत और पेंटिंग के कार्य कराए जाएंगे। इस पर करीब 1.59 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सेक्टर-12 में तीन वर्षों तक नालियों की सफाई और उससे जुड़ी व्यवस्था पर करीब 1.64 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं सेक्टर अल्फा-1 में नाली सफाई, रंगाई-पुताई, पटरी ड्रेसिंग और जंगल की सफाई जैसे अनुरक्षण कार्यों के लिए लगभग 1.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
शहर की विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी कई परियोजनाओं को शामिल किया गया है। मलकपुर प्राइमरी स्कूल के आंतरिक विद्युत कार्य और बोडाकी तथा पाली अंडरपास में एलईडी लाइट लगाने के लिए करीब 17.05 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
जलपुरा स्थित 220 केवी सब स्टेशन के सामने 45 मीटर रोड पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए 26.35 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। पल्ला गांव में छह प्रतिशत आबादी क्षेत्र में विद्युतीकरण के कार्य पर करीब 1.08 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
ग्रेटर नोएडा में पहले से स्थापित एलईडी स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट के तीन वर्षों तक संचालन और बेहतर रखरखाव पर करीब 1.06 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।
इसके अलावा ग्रेटर नोएडा के विभिन्न गांवों में एलईडी हाईमास्ट लाइट लगाने पर करीब 1.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।
सेक्टर ओमिक्रॉन-3, म्यू-1 और जीटा के साथ इन सेक्टरों के पार्कों में हाई मास्ट लाइट से संबंधित कार्यों पर करीब 1.92 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सेक्टर सिग्मा-2, सिग्मा-3, सिग्मा-4 और सेक्टर-31, 32 तथा 36 की सर्विस रोड पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए लगभग 1.59 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सेक्टर ईटा-2 में 60 मीटर चौड़ी सड़क पर प्रकाश व्यवस्था विकसित करने के लिए करीब 1.29 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्राधिकरण की विकास योजनाओं में उद्यान और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी छह परियोजनाओं को भी शामिल किया गया है। इन परियोजनाओं के जरिए शहर की हरियाली, पार्कों और ग्रीन बेल्ट के रखरखाव के साथ अन्य सुविधाओं पर काम किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में वर्टिकल गार्डन विकसित करने पर करीब 28.48 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे प्राधिकरण कार्यालय परिसर में हरियाली को बढ़ावा देने की योजना है।
तिलपता रोटरी से सिरसा रोटरी होते हुए तिराहे तक सेंट्रल वर्ज पर पौधों की कटाई और पेंटिंग के कार्य पर करीब 1.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बादलपुर और दादरी बाईपास पर स्थित ग्रीन बेल्ट और पार्कों के रखरखाव पर करीब 1.13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी तरह आईटीबीपी गोलचक्कर से होली पब्लिक स्कूल, सेक्टर सिग्मा-1 तक ग्रीन बेल्ट के रखरखाव के लिए लगभग 1.42 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।
सेक्टर जीटा रोटरी से डीएससी रोड तक 75 मीटर चौड़ी हरित पट्टी के रखरखाव पर करीब 1.51 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा शहर में विभिन्न स्थानों पर कुत्तों को खाना खिलाने के लिए निर्धारित स्थान विकसित करने पर लगभग 1.07 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
इन सभी परियोजनाओं के लिए प्राधिकरण ने एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं। इच्छुक एजेंसियां 18 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगी और 21 सितंबर को प्री-क्वालिफिकेशन बैठक आयोजित होगी। इसके बाद पात्र एजेंसियों को कार्य आवंटित कर परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


