Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में छात्रा की आत्महत्या पर बवाल, परिजनों ने स्कूल पर मानसिक प्रताड़ना का लगाया आरोप

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में छात्रा की आत्महत्या पर बवाल, परिजनों ने स्कूल पर मानसिक प्रताड़ना का लगाया आरोप
ग्रेटर नोएडा से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां 15 वर्षीय छात्रा ने 8वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के छह दिन बाद छात्रा के परिजनों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि स्कूल में मोबाइल फोन ले जाने की वजह से उनकी बेटी को सबके सामने डांटा गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और इसी अपमान से आहत होकर उसने अपनी जान दे दी।
यह घटना 22 दिसंबर की रात बिसरख थाना क्षेत्र की गौर सिटी सोसाइटी के 4 एवेन्यू की बताई जा रही है। मृतक छात्रा कनिष्का सोलंकी ग्रेटर नोएडा के गगन पब्लिक स्कूल में कक्षा 10वीं की छात्रा थी। इन दिनों स्कूल में हाफ ईयरली परीक्षाएं चल रही थीं। 22 दिसंबर को कनिष्का परीक्षा देने स्कूल गई थी, इसी दौरान वह अनजाने में अपना मोबाइल फोन साथ ले गई थी। परीक्षा के समय एक टीचर की नजर उसके मोबाइल पर पड़ी, जिसके बाद उसे कड़ी डांट लगाई गई और परिजनों को स्कूल बुलाया गया।
कनिष्का के पिता रवि रंजन का आरोप है कि जब वह स्कूल पहुंचे तो वहां उनकी बेटी और उन्हें सबके सामने जलील किया गया। स्कूल प्रशासन ने यह कहकर अपमानित किया कि उनकी बेटी पढ़ाई में कमजोर है और पास नहीं हो सकती। पिता का कहना है कि मोबाइल फोन बंद था और नकल या एआई की मदद लेने का आरोप पूरी तरह गलत है। स्कूल प्रबंधन ने बिना किसी ठोस आधार के उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
पिता के अनुसार स्कूल से घर लौटने के बाद कनिष्का काफी उदास थी और गुमसुम रहने लगी थी। रात में उसने परिवार के साथ खाना खाया और फिर अपनी मां से बातचीत करने के बाद कमरे में सोने चली गई। रात करीब 2:15 से 2:20 बजे के बीच उसने अपने फ्लैट की 8वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसकी मां जाग रही थीं, जिन्होंने कनिष्का को कूदते हुए देख लिया और शोर मचाया। मौके पर पहुंचे परिजन और सुरक्षा गार्ड उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पहले पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव को आत्महत्या की वजह माना गया, लेकिन बाद में परिजनों ने स्कूल पर सीधा आरोप लगाया। कनिष्का के पिता ने शनिवार को बिसरख थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और आरोप लगाया है कि पुलिस स्कूल प्रशासन के दबाव में कार्रवाई नहीं कर रही।
परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी की मौत के लिए स्कूल की मानसिक प्रताड़ना जिम्मेदार है और वे चाहते हैं कि दोषी शिक्षकों की गिरफ्तारी हो, ताकि भविष्य में किसी और छात्रा के साथ ऐसा न हो। वहीं, दूसरी ओर गगन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य पारुल सरदाना ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि स्कूल में किसी भी छात्र का मानसिक उत्पीड़न नहीं किया जाता और परीक्षा के दौरान छात्रा द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखे जाने पर ही परिजनों को बुलाया गया था।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि परिजनों से पूछताछ की जा रही है और दी गई तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर छात्रों पर पढ़ाई के दबाव, स्कूलों की भूमिका और मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





