Encroachment Drive: ग्रेटर नोएडा में अतिक्रमण पर बढ़ेगी सख्ती, 1.60 करोड़ रुपये से बढ़ेंगे जेसीबी-डंपर समेत संसाधन
नोएडा। ग्रेटर नोएडा शहरी क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण और सड़कों पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए प्राधिकरण अतिक्रमण हटाओ अभियान को और तेज करने जा रहा है। इसके लिए जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत जरूरी संसाधनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इन संसाधनों को एक वर्ष के लिए किराये पर लेने के लिए निविदा जारी कर दी है। इस पूरी व्यवस्था पर करीब 1.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट में अतिक्रमण के खिलाफ एक साथ कार्रवाई करने के लिए दो अलग-अलग प्रवर्तन टीमें पहले ही गठित की जा चुकी हैं। अतिरिक्त मशीनरी उपलब्ध होने के बाद दोनों टीमें अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से अभियान चला सकेंगी।
ग्रेटर नोएडा में आवासीय सेक्टरों के अंदर और मुख्य सड़कों के किनारे ठेली-पटरी तथा अस्थायी दुकानों की संख्या बढ़ने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शाम के समय समस्या अधिक गंभीर हो जाती है। अल्फा-1, अल्फा-2, डेल्टा-1, जगत फार्म, रामपुर, अमृतपुरम और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति बनती है।
अभी प्राधिकरण के अर्बन सर्विसेज विभाग के पास अतिक्रमण हटाने के लिए संसाधनों की कमी है। विभाग के पास महज एक डंपर और एक जेसीबी उपलब्ध होने के कारण एक समय में एक ही इलाके में बड़े स्तर पर कार्रवाई हो पाती है। इससे अभियान की गति प्रभावित हो रही है। इसी समस्या को देखते हुए प्राधिकरण ने अतिरिक्त मशीनरी उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।
योजना के पहले चरण में ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट के लिए दो जेसीबी, दो डंपर और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली एक साल के लिए किराये पर ली जाएंगी। इससे दोनों प्रवर्तन टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
अर्बन सर्विसेज विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव के अनुसार निविदा प्रक्रिया पूरी करने के बाद अगले डेढ़ से दो महीने में अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट में नियमित रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा।
प्राधिकरण की योजना केवल पहले चरण में मशीनरी बढ़ाने तक सीमित नहीं है। जरूरत के अनुसार चरणबद्ध तरीके से अतिरिक्त संसाधन और प्रवर्तन टीमें भी बढ़ाई जाएंगी। इस संबंध में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी की ओर से निर्देश दिए गए हैं।
अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के साथ शहर में वेंडिंग जोन की व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रही है। प्राधिकरण का प्रयास है कि पात्र स्ट्रीट वेंडरों को निर्धारित स्थान उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से दुकानें लगाने के बजाय निर्धारित वेंडिंग जोन में कारोबार कर सकें।
आवासीय सेक्टरों में विकसित वेंडिंग जोन में पात्र लोगों को दुकानें आवंटित करने की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 20 दुकानों का आवंटन किया जा चुका है। आने वाले समय में बड़े स्तर पर अन्य दुकानों का भी आवंटन किया जाएगा।
अल्फा-2, बीटा-1, बीटा-2, ओमिक्रोन-1ए, ज्यू-2, गामा-2, डेल्टा-1, डेल्टा-3, पाई-1, पाई-2, ओमिक्रोन-3 और ज्यू-3 समेत 12 सेक्टरों में वेंडिंग जोन का काम पूरा हो चुका है। इन वेंडिंग जोन में कुल 673 दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है।
दुकानों के आवंटन में प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र के गांवों के भूमिहीन मजदूरों, दिव्यांगों और महिलाओं को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आरक्षण दिया जाएगा। आवेदन करने वाले लोगों के दस्तावेज और पात्रता का सत्यापन करने के बाद उन्हें वेंडिंग जोन में जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
प्राधिकरण को उम्मीद है कि वेंडिंग जोन की व्यवस्था प्रभावी होने और अतिक्रमण हटाओ अभियान नियमित रूप से चलने से मुख्य सड़कों तथा आवासीय सेक्टरों में अवैध ठेली-पटरी पर अंकुश लगेगा। इससे सड़क पर यातायात के लिए अधिक जगह उपलब्ध होगी और व्यस्त इलाकों में जाम की समस्या कम करने में भी मदद मिलेगी।


