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Noida: ग्रेनो वेस्ट सोसाइटी में जीबीएम हंगामे के बीच समाप्त, एओए पर आरोप

Noida: ग्रेनो वेस्ट सोसाइटी में जीबीएम हंगामे के बीच समाप्त, एओए पर आरोप

नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित आम्रपाली गोल्फ होम्स और किंग्सवुड सोसाइटी में रविवार को आयोजित जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) विवाद और हंगामे के बीच समाप्त हुई। जीबीएम में निवासियों और एओए (एडहॉक ऑर्गनाइजेशन ऑफ़ एशोसिएशन) के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। निवासियों ने आरोप लगाया कि एओए ने मेंटेनेंस और सुरक्षा एजेंसी के चयन में गड़बड़ी की, दस्तावेज नहीं दिखाए और निवासियों के सवालों का स्पष्ट जवाब देने से इन्कार किया।

निवासियों का कहना है कि हाल ही में पास किए गए एफएमएस टेंडर में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये प्रति माह की एजेंसी को नियुक्त किया गया जबकि कम दर पर अन्य एजेंसी काम करने को तैयार थी। इस पर उन्होंने टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। जीबीएम के दौरान जब निवासियों ने एओए से एजेंसी चयन और वित्तीय फैसलों की जानकारी मांगी तो एओए पदाधिकारियों ने बातों को टालना शुरू कर दिया। आरोप है कि माइक तक देने से इनकार किया गया और निवासियों को बोलने का अवसर नहीं मिला।

बैठक के दौरान एओए की ओर से निवासियों को चोर कहे जाने और यह कहने पर कि दस्तावेज लेकर भाग सकते हैं, निवासियों का गुस्सा भड़क गया। इसके बाद सोसाइटी में एओए के खिलाफ काफी देर तक नारेबाजी की गई। अंततः उपस्थित सभी निवासियों ने सर्वसम्मति से हस्ताक्षर कर एओए को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का प्रस्ताव पारित किया।

निवासियों ने यह भी निर्णय लिया कि एडहॉक एओए द्वारा लिए गए सभी प्रमुख वित्तीय निर्णय, विशेष रूप से एफएमएस टेंडर, की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यह प्रस्ताव शीघ्र ही कोर्ट रिसीवर और रजिस्ट्रार को आवश्यक कार्रवाई के लिए सौंपा जाएगा।

एडहॉक एओए के अध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चयनित एजेंसी ने सभी नियमों का पालन किया है और अन्य एजेंसियों की तुलना में कम लागत पर बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि एओए को विघटित करने का अधिकार केवल सीआर के पास है और यदि किसी निवासी को दस्तावेज देखने हैं तो वह सोमवार से देख सकता है।

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