Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए सर्वेक्षण प्रक्रिया शुरू
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में एकीकृत सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्राधिकरण ने अनुभवी कंपनियों को इलाके का स्थलीय सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है। इस सर्वेक्षण के दौरान कंपनियां न केवल सड़कों की मैनुअल और मशीन से सफाई की स्थिति का निरीक्षण करेंगी, बल्कि घर-घर से कचरा उठाने की योजना को लागू करने की संभावनाओं और कार्य की अनुमानित लागत का आकलन भी करेंगी। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण और सुझाव प्राप्त होने के बाद ही निविदा जारी की जाएगी।
प्राधिकरण ने यह भी कहा कि प्रस्तावित योजना के लिए कंपनियों को सुझाव देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। उम्मीद है कि इस प्रक्रिया को अगले एक से दो माह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। प्रथम चरण में ग्रेटर नोएडा सेंट्रल और ग्रेटर नोएडा ईस्ट के क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी। इसे तीन जोनों में बांटा गया है, जिसमें जोन-3, 4 और 5 के सेक्टरों के साथ सूरजपुर-कासना मार्ग, 105 मीटर चौड़ी सड़क और नोएडा एक्सप्रेसवे के हिस्से भी शामिल हैं।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा में वर्तमान में सफाई का कार्य लगभग 2000 कर्मियों और पांच अलग-अलग कंपनियों के जरिए हो रहा है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सफाई की गुणवत्ता में कमी देखी गई है। विभिन्न कंपनियों द्वारा अलग-अलग काम करने के कारण जिम्मेदारी का स्पष्ट बंटवारा नहीं हो पाया। नई योजना के तहत एक ही कंपनी पूरे क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को संभालेगी, जिससे जिम्मेदारी स्पष्ट होगी और कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि कंपनियों से सुझाव मिलने के बाद ही निविदा जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, अनुभवहीन एजेंसियों के कारण उत्पन्न समस्याओं को दूर करने और नागरिकों की शिकायतों को कम करने के उद्देश्य से की जा रही है।
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