Faridabad–Noida Border Dispute: संयुक्त सर्वे से सुलझेगा भूमि विवाद, 15 दिन में रिपोर्ट का लक्ष्य

Faridabad–Noida Border Dispute: संयुक्त सर्वे से सुलझेगा भूमि विवाद, 15 दिन में रिपोर्ट का लक्ष्य
फरीदाबाद और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इस मुद्दे को लेकर एक महत्वपूर्ण जॉइंट कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और विवाद के समाधान के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई।
यह बैठक जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम और फरीदाबाद की एडीएम अंजलि श्रोत्रिय की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में दोनों जिलों की राजस्व टीमों के साथ-साथ फरीदाबाद प्रशासन के अधिकारी और भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इससे स्पष्ट है कि मामला न केवल प्रशासनिक बल्कि रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए भूमि विवाद का समाधान पारदर्शी और तकनीकी तरीके से किया जाएगा। इसके तहत दोनों जिलों की एक संयुक्त टीम गठित की गई है, जो विवादित क्षेत्र में टॉपोग्राफी सर्वे और जमीन की पेमाइश कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।
इस सर्वे के लिए आधुनिक तकनीक टीएसएम (टोटल स्टेशन मैपिंग) का उपयोग किया जाएगा, जिससे सीमांकन की प्रक्रिया अधिक सटीक और विवाद रहित हो सके। साथ ही, नई दिल्ली स्थित रक्षा संपदा अधिकारी कार्यालय से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा और विशेषज्ञ सर्वेयर टीम भी इस प्रक्रिया में शामिल होगी।
प्रशासन ने जॉइंट टीम को निर्देश दिए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर सर्वे और सीमांकन की पूरी रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिससे लंबे समय से चल रहा यह सीमा विवाद सुलझ सके।
बैठक में ग्रुप कैप्टन निशांत शर्मा (स्टेशन कमांडेंट, तिलपत), गौतम बुद्ध नगर के अपर जिलाधिकारी (भू-अभिलेख) बच्चू सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका, सहायक अभिलेख अधिकारी चारूल यादव, फरीदाबाद के डीआरओ विकास सिंह, तहसीलदार सुमेर सिंह और सदर कानूनगो राजेश सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
यह पहल न केवल प्रशासनिक समन्वय का उदाहरण है, बल्कि इससे प्रभावित किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से इस विवाद के कारण असमंजस की स्थिति में थे।




