उत्तर प्रदेशराज्य

Fake IPS Officer: नोएडा की कंपनी में कार्यरत निकला फर्जी आईपीएस, लखनऊ में पुलिस पर झाड़ रहा था रौब

Fake IPS Officer: नोएडा की कंपनी में कार्यरत निकला फर्जी आईपीएस, लखनऊ में पुलिस पर झाड़ रहा था रौब

नोएडा। खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ने वाले एक युवक का सच उस समय सामने आ गया जब लखनऊ पुलिस ने उसकी पहचान की जांच की। आरोपी कोई आईपीएस अधिकारी नहीं, बल्कि नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्यरत कर्मचारी निकला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान लखनऊ के भरतपुर निवासी मिथिलेश शुक्ला के रूप में हुई है। रविवार देर रात लखनऊ के गोल मार्केट चौराहे स्थित एक चाय की दुकान पर विवाद की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना पर महानगर थाने के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। वहां एक व्यक्ति चाय विक्रेता से भुगतान को लेकर बहस कर रहा था और उसे धमका रहा था। पुलिस ने मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी पुलिसकर्मियों से ही उलझ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी ने पुलिसकर्मियों के सामने खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताया और उन पर धौंस जमाने लगा। उसने पुलिसकर्मियों से सवाल किया कि उसे देखकर सलामी क्यों नहीं दी गई। इतना ही नहीं, उसने एक दारोगा से उनकी टोपी के बारे में पूछते हुए अनुशासन और व्यवहार पर टिप्पणी की तथा कार्रवाई कराने की धमकी भी दी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपी पुलिसकर्मियों का नाम और तैनाती पूछता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों को निलंबित कराने तक की धमकी देता नजर आ रहा है। उसके हावभाव और बातचीत के तरीके ने मौके पर मौजूद लोगों को भी हैरान कर दिया।

हालांकि पुलिसकर्मियों को उसकी बातों और व्यवहार पर संदेह हो गया। जब उससे पहचान पत्र, नियुक्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य आधिकारिक प्रमाण मांगे गए तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसका दावा झूठा साबित हो गया।

जांच में खुलासा हुआ कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है, बल्कि मिथिलेश शुक्ला नाम का व्यक्ति है जो नोएडा के सेक्टर-18 स्थित एक मोबाइल फोन कंपनी में अधिकारी पद पर कार्यरत होने का दावा कर रहा था। पुलिस अब उसके रोजगार और अन्य जानकारियों का भी सत्यापन कर रही है।

महानगर थाने के हल्का प्रभारी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों को धमकाने, फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अक्सर खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने की कोशिश करता था। इसी कारण अब उसके पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं उसने इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर किसी को ठगा तो नहीं या किसी प्रकार का अनुचित लाभ तो नहीं लिया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हजारों लोग इसे देख और साझा कर चुके हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर उस वीडियो के साथ एक अन्य वीडियो भी साझा कर रहे हैं, जिसमें आरोपी पुलिस हिरासत से बाहर आता दिखाई दे रहा है। दोनों वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स और टिप्पणियों की भी बाढ़ आ गई है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी या पुलिस अधिकारी बताकर प्रभाव जमाने की कोशिश करता है और उसकी पहचान संदिग्ध लगती है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी पदों का झूठा इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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