EOU Raid: बिहार के इंजीनियर के नोएडा ठिकाने पर ईओयू का छापा, आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई

EOU Raid: बिहार के इंजीनियर के नोएडा ठिकाने पर ईओयू का छापा, आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के नोएडा स्थित ठिकाने पर छापेमारी की। बुधवार को ईओयू की टीम ने नोएडा समेत देश के छह अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान नोएडा की हाईराइज सोसाइटी में भी दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।
ईओयू बिहार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, पवन कुमार वर्तमान में भवन निर्माण विभाग, बिहार में अधीक्षण अभियंता, भवन निर्माण अंचल-1, पटना और निदेशक, निर्माण इकाई के पद पर तैनात हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान प्रथम दृष्टया सामने आया कि पवन कुमार के पास उनकी ज्ञात आय से लगभग 3.89 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति मौजूद है। यह संपत्ति उनकी वैध आय से करीब 103.94 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई।
ईओयू की टीम बुधवार सुबह नोएडा के सेक्टर-75 स्थित मैक्स ब्लिस सोसाइटी पहुंची और वहां स्थित फ्लैट में तलाशी शुरू की। अधिकारियों ने फ्लैट से जुड़े दस्तावेज, संपत्ति निवेश के कागजात, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि नोएडा में खरीदी गई संपत्तियों के लिए धन का स्रोत क्या था और क्या इन संपत्तियों का संबंध कथित अवैध आय से है। कार्रवाई के दौरान नोएडा में एक फार्म हाउस होने की भी चर्चा सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।
ईओयू ने पटना, भागलपुर, नोएडा और नई दिल्ली समेत कुल छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें पटना के उत्तरी श्रीकृष्णपुरी स्थित यमुना निवास अपार्टमेंट का फ्लैट, पटना स्थित कार्यालय, भागलपुर के आनंदगढ़ कॉलोनी स्थित मकान, नोएडा सेक्टर-75 स्थित फ्लैट, नोएडा का एक अन्य आवासीय ठिकाना और नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित फ्लैट शामिल हैं।
ईओयू अधिकारियों के अनुसार, सभी स्थानों पर तलाशी अभियान जारी है। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कथित रूप से अर्जित अतिरिक्त संपत्ति में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।





