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E-Registration: केवल प्राधिकरण की योजना व स्वीकृत दस्तावेजों का होगा ई-पंजीकरण

E-Registration: केवल प्राधिकरण की योजना व स्वीकृत दस्तावेजों का होगा ई-पंजीकरण

नोएडा। प्रदेश में लागू की गई ई-पंजीकरण व्यवस्था के तहत अब सभी प्रकार की रजिस्ट्रियां ऑनलाइन नहीं होंगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि केवल प्राधिकरण की योजनाओं और स्वीकृत दस्तावेजों के प्रथम आवंटन का ही ई-पंजीकरण किया जाएगा। अन्य सभी रजिस्ट्रियां पहले की तरह सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में ही होंगी।

शासन ने जारी किया नया आदेश

प्रदेश सरकार द्वारा ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू किए जाने के बाद यह चर्चा थी कि भविष्य में सभी प्रकार की रजिस्ट्रियां ऑनलाइन कर दी जाएंगी। इसके विरोध में अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स ने प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी थी। अब शासन ने नया आदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

केवल प्रथम आवंटन पर लागू होगी व्यवस्था

अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी प्राधिकरण या शासकीय-अर्द्धशासकीय संस्था द्वारा किसी संपत्ति का पहला आवंटन किया जाता है, तो उसकी रजिस्ट्री ई-पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से होगी।

हालांकि, यदि वही संपत्ति बाद में कोई खरीदार किसी अन्य व्यक्ति को बेचता है, तो उसकी रजिस्ट्री सामान्य प्रक्रिया के तहत सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में ही कराई जाएगी।

अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स को राहत

नई व्यवस्था के स्पष्ट होने के बाद अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की चिंताएं काफी हद तक दूर हो गई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के कामकाज पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा और अधिवक्ताओं की आजीविका भी प्रभावित नहीं होगी।

ग्रेटर नोएडा में करोड़ों का राजस्व नुकसान

ई-पंजीकरण के विरोध में चल रही हड़ताल के कारण ग्रेटर नोएडा के गामा-2 स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में दो दिनों से रजिस्ट्रियों का काम ठप पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, इससे सरकार को लगभग 6 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।

हालांकि, शासन के नए आदेश के बाद हड़ताल समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि सोमवार से अधिवक्ता और डीड राइटर्स फिर से काम पर लौट सकते हैं।

क्या बोले विभागीय अधिकारी

निबंधन विभाग के एआईजी द्वितीय ब्रिजेश कुमार ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था सभी प्रकार के लेखपत्रों पर लागू नहीं होगी। यह केवल शासकीय और अर्द्धशासकीय संस्थाओं द्वारा किए जाने वाले प्रथम आवंटन की रजिस्ट्री तक सीमित रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के हितों को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचेगी।

 

 

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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